मेरठ। स्कूल जाने के बजाय तीन अनाथ मासूमों को न्याय पाने के लिए थाने में भटकना पड़ रहा है। सोमवार दिन भर थाना सिविल लाइन में बिलखते रहे इन बच्चों ने थानाध्यक्ष को बताया कि माता-पिता की मौत के बाद उनके हक को छीना जा रहा है। थानाध्यक्ष ने उनकी शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया।
गांव औरंगाबाद थाना भावनपुर निवासी मोतीराम गुप्ता के तीन बेटों आकाश (12), आर्यन (10) और शुभम (8) ने एक रिश्तेदार के माध्यम से थाना सिविल लाइन पुलिस को अपनी पीड़ा बताई। शिकायती प्रार्थनापत्र के अनुसार 20 फरवरी 2013 को मोतीराम की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पति के गम में मोतीराम की पत्नी भावना भी कुछ दिन बाद चल बसी थी। जिसके बाद तीनों बच्चे अनाथ हो गए। उनका पालन पोषण होने के साथ ही पढ़ाई भी अधर में लटक गई। तीनों बच्चे अपने पिता की संपत्ति के दावेदार हैं। लेकिन कुछ दबंग लोग उनका शोषण कर रहे है।
आरोप है कि सिविल लाइन थानाक्षेत्र के तीन लोगों ने मोतीराम गुप्ता के इंश्योरेंस का तीन लाख रुपये ले लिया। पैसा मांगने पर धमकी देते है। इस मामले की शिकायत करने के लिए तीन दिन से तीनों भाई थाने के चक्कर काट रहे हैं। एसओ सिविल लाइन कमलेश शुक्ला का कहना है कि मासूमों की शिकायत दर्ज कर ली है। बच्चों ने एक युवक का नाम बताया, जिसे थाने बुलवाया गया। युवक ने बच्चों के पैसे लौटाने की बात लिखित में की है। पुलिस मासूमों की पूरी मदद कर रही है।
खास बातें:
- बोले, माता-पिता की मौत के बाद छीना जा रहा हमारा हक
- थानाध्यक्ष ने सुनी मासूमों की गुहार, कार्रवाई का भरोसा दिया