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वेस्ट यूपी के 18 शूटर सारिक-फाईक के संपर्क में
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मेरठ। गैंगवार के साथ सुपारी लेकर शूटरों से हत्याएं कराने का कुख्यात सारिक और फाईक का पेशा बन चुका था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 शार्प शूटर दोनों भाइयों के संपर्क में हैं। जेल के कुछ लोगों से भी दोनों भाइयों की अच्छी सेटिंग है। जांच के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन के पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करते हुए जेल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए शासन को लिखा है।
पुलिस के मुताबिक दोनों कुख्यात भाइयों का नेटवर्क वेस्ट यूपी के मेरठ समेत कई जनपदों में फैला हुआ है। चर्चा यह भी है कि नवीन फल मंडी के प्रधान रहीसुद्दीन व कोतवाली में पार्षद आरिफ व शादाब की हत्या करने वाले शूटर नदीम समेत कई लोग हुमायुं नगर लिसाड़ीगेट में रुके थे। जेल में बंद बड़े अपराधियोें ने अपने शार्प शूटरों की मुलाकात दोनों भाइयों से करायी। दोनों अपनी गैंगवार व सुपारी लेकर हत्या कराने में पिछले काफी दिनों से लगे हैं। दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल की तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पुलिस अफसरों का दावा है कि इस मामले की जांच ठीक से चलती रही तो यह वेस्ट यूपी में होने वाली हत्याओं का बड़ा खुलासा होगा।
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पांचवें दिन भी पुलिस खाली हाथ
ढबाईनगर में दो नवंबर को सलीम और शम्मी की हत्या हुई थी। सलमान व उसके भाई आमिर, आसिफ व पिता निजामुद्दीन समेत आठ लोग नामजद हुए थे। पुलिस अभी तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी और शूटरों का नाम पता तक नहीं लगा सकी। पांचवें दिन भी पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस का दावा कि हत्या सारिक गैंग ने कराई है। लेकिन अभी तक कोई आरोपी गिरफ्तार न होने पर यह दावा भी हवाई माना जा रहा है।
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एसटीएफ को नहीं मिली जानकारी
इस मामले में एसएसपी ने एसटीएफ को भी लगाया था। दोहरे हत्याकांड में एसटीएफ को भी अभी महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं मिली है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि एसटीएफ ने काफी जानकारी शूटरों की लगा ली है। लेकिन उनकी गिरफ्तारी न होने के चलते हर कोई खामोश बैठा है। जेल से भी कई जानकारी ली जा चुकी हैं।
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