ग्रामीणों ने तीनों युवकों को बताया निर्दोष, छोड़ने की मांग
मुंडाली। दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सरबजीत की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा जेल भेजे गए तीनों युवकों को निर्दोष बताते हुए ग्रामीणों ने बैठक कर युवकों को छुड़ाने की मांग की और एक प्रार्थना पत्र एडीजी मेरठ को दिया। साथ ही चेतावनी दी कि निर्दोष लोगों को नहीं छोड़ा गया तो वह आंदोलन करेंगे।
बृहस्पतिवार को मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव इलाहाबाद की मढ़ैया के लोग गांव में ही समरपाल के आवास पर इकट्ठा हुए। जिसमें शाफियाबाद लोटी, अजराड़ा के लोग भी शामिल हुए जिसमें वक्ताओं ने कहा कि खरखौदा पुलिस ने राजनीतिक दबाव के कारण हेड कांस्टेबल दिल्ली पुलिस सरबजीत सिंह की हत्या में लोकेंद्र, अंकित और नितिन को गिरफ्तार कर जेल भेजा है जबकि वह निर्दोष है और घटना वाले दिन घटनास्थल से भी काफी दूर थे। क्राइम ब्रांच ने तीनों से कई दिनों तक पूछताछ की थी। उसके बाद उन्हें निर्दोष बताकर छोड़ दिया गया था। ग्रामीणों ने एक प्रार्थना पत्र एडीजी मेरठ के नाम लिखा तथा उस पर एमएलसी भाजपा सरोजनी अग्रवाल के हस्ताक्षर भी है। जिसमें तीनों निर्दोष लोगों को छोडे़ जाने की मांग की है। मृतक सरबजीत की पत्नी संगीता ने इन्हें नहीं पहचाना था परंतु फिर भी संगीता को पुलिस खरखौदा ने गुमराह किया। जबकि उनकी पहचान भी नहीं हुई। राजनीतिक दबाव में तीनों को जेल भेजा गया है तीनों युवकों के परिजनों ने बताया कि वह निर्दोष लोकेंद्र, अंकित, नितिन को छुुड़ाने के लिए मुख्यमंत्री एवं डीजीपी के यहां भी गुहार लगाएंगे। क्योंकि पुलिस के पास तीनों युवकों के खिलाफ कोई ठोस सुबूत नहीं है कि हत्या व लूट में यही शामिल थे। पुलिस के द्वारा बताये गए अपराधिक इतिहास से भी यह सजायाप्ता नहीं है।
बैठक में कुछ लोगों ने हापुड़ किठौर मार्ग जाम करने का निर्णय लिया परंतु गंगा स्नान त्योहार के मद्देनजर बुजुर्ग गणमान्य लोगों ने जाम लगाने से मना कर दिया और कहा कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन भी किया जाएगा। जोगेंद्र सिंह, जीत सिंह, प्रतिपाल, अमरपाल, अमर सिंह, झलक सिंह, सुखपाल, कृपाल, रामशरण, डॉ. फुरकान, हरशरण, ओमपाल सिंह, लक्ष्मण, मनवीर, समरपाल, कमलेश, सरिता देवी, बीना, सविता, दुर्गेश देवी, संतोष देवी आदि रहे।
खास बातें:
दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सरबजीत की हत्या का मामला