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कालंद राजवाहा के निकट सड़क किनारे 29 अप्रैल को मिले शव पिठलोकर निवासी पिता-पुत्र के निकले

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सरधना/मेरठ। सरधना क्षेत्र में 29 अप्रैल की सुबह सड़क किनारे मिले दो लोगों के शवों की बुधवार को 25 दिनों बाद शिनाख्त हो गई। ये शव पिठलोकर सरधना निवासी रहतू और उसके बेटे शिवम उर्फ मंगते के थे। दोनों की हत्या की गई थी। बेची गई जमीन के 13 लाख रुपये को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों पर हत्या का शक है। गांव में तनाव की स्थिति है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है।
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हत्या के बाद मिटा दी थी पहचान
कालंद-महादेव मार्ग पर 29 अप्रैल की सुबह को सड़क किनारे दो शव पड़े मिले थे। इनमें एक व्यक्ति की उम्र करीब 55 साल तो दूसरे की उम्र 15 साल के आसपास मानी जा रही थी। दोनों ही शव क्षतविक्षत हालत में थे। दोनों के गलों को किसी रस्सी से घोंटा गया था तो चेहरों पर किसी भारी लोहे जैसी वस्तु से प्रहार किया गया था। दोनों के चेहरों को हत्या के बाद कुचलने की कोशिश की गई थी। शिनाख्त न होने पर प्रक्रिया के तहत 72 घंटे बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और दोनों शवों का लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया।
अब जाकर हुई शिनाख्त
वहीं सरधना के पिठलोकर से लापता पिता-पुत्र की परिजन तलाश कर रहे थे। बुधवार को परिजन मुल्हैड़ा पुलिस चौकी पर पहुंचे तो फोटो के आधार पर करेस व रूपचंद ने दोनो शवों की शिनाख्त शिवम उर्फ मंगते (15) और उसके पिता रहतू (55) पुत्र नियाज के रूप में हुई।
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तहरीर में यह बताया
रूपचंद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका भाई रहतू अपने इकलौते बेटे शिवम के साथ गांव के बाहरी छोर पर रहता था। जिस पर साढ़े तीन बीघा जमीन थी। इसके अलावा मेहनत करके ही अपने बेटे का पालन पोषण कर रहा था। कुछ दिन पहले रहतू ने गांव के ही दूसरे समुदाय के लोगों को साढे़ तीन बीघा जमीन बेची थी और उस जमीन की 13 लाख रुपये की एफडी रहतू के नाम कर दिए जाने की बात दूसरे समुदाय के लोगों ने कही थी जो रहतू ने उन्हें बताया था। पता करने पर चला कि रहतू की एफडी 13 लाख की न होकर 13 हजार रुपये की निकली जो कि कराई गई थी। उन्हें अंदेशा है कि कहीं 13 लाख रुपये हड़पने की नीयत से पिता-पुत्र की हत्या को अंजाम नहीं दिया गया। मुल्हैडा चौकी प्रभारी राजकुमार ने बताया कि हत्या का केस पहले ही दर्ज कर लिया गया था। जांच की जा रही है।
हसनैन ने खरीदी थी जमीन
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि पिता-पुत्र की हत्या कर शव फेंके गए थे। अब रिश्ते के परिजनों ने ही शिनाख्त की है। जांच में आया कि जमीन उन्हीं के गांव पिठलोकर निवासी हसनैन पक्ष ने खरीदी थी। जब अन्य परिजन बुधवार को हसनैन के घर गए और कहा कि रहतू और उसका बेटा कहां है तो हसनैन ने कहा कि उसे नहीं पता। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस पहुंची तो हसनैन घर से फरार मिला। अभी तक जांच में यही आया कि हसनैन ने ही हत्या कराई है। हसनैन की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसपी देहात ने बताया कि सिंडिकेट बैंक में रहतू की 13 लाख की एफडी 4 मई को पूरी हो रही थी। उससे पहले ही हत्या कर दी गई। एफडी भी 13 हजार की निकली।
गांव में तनाव की स्थिति
मामला दो समुदाय से जुड़ा है। हत्यारोपी दूसरे समुदाय से जुड़े होने के गांव में तनाव की स्थिति है। एसपी देहात ने एसओ सरधना को कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। रहतू की पत्नी की पूर्व में मौत हो चुकी है। इकलौता बेटा था। हत्यारोपियों ने पिता के साथ उसकी भी हत्या कर दी।
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खास बातें:
सरधना क्षेत्र में मिले दो लोगों के शवों की 25 दिनों बाद हुई शिनाख्त
एफडी के 13 लाख रुपये को लेकर दूसरे समुदाय के लोगों पर हत्या का शक
बैंक खाते में 13 लाख की जगह तेरह हजार रुपये जमा मिले
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