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दबाव में कराया अनशन खत्म, परिवार लखनऊ रवाना

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मोदीपुरम/मेरठ। नरेंद्र गुर्जर प्रकरण सियासी भंवर में फंसता दिखाई दे रहा है। बुधवार को नरेंद्र के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मंगलवार देर रात जबरन कोरे कागजों पर अंगूठा लगवाकर अनशन खत्म कराया। लेकिन न्याय न मिलने तक धरना जारी रहेगा। वहीं, भाजपा नेता मुखिया गुर्जर ने निशाना साधा कि यदि भाजपा विधायक न्याय नहीं दिला सकते हैं तो इस्तीफा दें दें। उधर, सपा नेता अतुल प्रधान पीड़ित परिवार को सपा मुखिया से मिलवाने की बात कहकर लखनऊ रवाना हो गए।
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नरेंद्र के परिजनों और अतुल प्रधान ने बुधवार दोपहर प्रेस वार्ता की। नरेंद्र की मां मुन्नी देवी, भाई जितेंद्र, अमित आदि ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात भाजपा विधायकों ने उन्हें सर्किट हाउस में जिलाधिकारी से मिलवाया। अधिकारियों ने उनकी सभी मांगों को बुधवार मध्याह्न तीन बजे तक पूरा करने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त करने के लिए कहा। हमने सुबह तक का समय मांगा। लेकिन दबाव डालकर रात में ही गुर्जर महासभा के पदाधिकारियों को भेजकर अनशन खत्म करा दिया। अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि प्रशासन के दबाव में भाजपा विधायकों और गुर्जर महासभा ने अनशन समाप्त कराया है। प्रशासन भाजपाइयों के इशारे पर पीड़ित परिवार को डरा-धमका रहा है। यदि अनशन खत्म कराना था तो बुधवार सुबह कराते। इस तरह चोरी छिपे क्यों कराया गया। यह गुर्जर सभा सभी की है, किसी एक पार्टी की नहीं है। इस दौरान सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, नवाब सिंह लखवाया, संदीप गुर्जर, नेहा गौड़, गुड्डू चौधरी, ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष शौकेंद्र भारद्वाज, नितिन कटारिया आदि मौजूद रहे।
विधायक पर लगाए आरोप
नरेंद्र के परिजनों ने भाजपा विधायक दिनेश खटीक पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक के इशारे पर ही प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है। 16 दिन गुजरने के बाद भी अभी तक परिवार को न्याय नहीं मिला। गुर्जर समाज ने दिनेश खटीक को विधायक बनाया है, अब उनका ही उत्पीड़न किया जा रहा है।
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मुखिया बोले, मेरा बहिष्कार क्यों किया
भाजपा नेता मुखिया गुर्जर और उनके बेटे जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह भी बुधवार को नरेंद्र के घर पहुंचे। वहां मौजूद सपा नेता अतुल प्रधान की मौजूदगी में उन्होंने समाज के लोगों से कहा कि उनका बहिष्कार वापस करो। वह परिवार की मदद कराने में लगे हैं। लेकिन मेरा ही बहिष्कार कर दिया गया। सपा नेता ने कहा कि बहिष्कार भाजपा के विधायकों का किया है, आपका नहीं। जिसके बाद मुखिया गुर्जर ने कहा कि जिन भाजपा के विधायकों ने परिवार को न्याय दिलाने की बात कही, वह विधायक या तो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं या फिर इस्तीफा दें। मुखिया ने कहा कि नरेंद्र के परिवार की लड़ाई सड़क तक लड़ी जाएगी। पीड़ित परिवार के साथ बहुत गलत हुआ है। इसमें पुलिस-प्रशासन की लापरवाही है। मेरी पहुंच संगठन और प्रशासन तक है। मुख्यमंत्री तक मेरी पहुंच नहीं है।
धरनास्थल पर बखेड़ा
शाम करीब पांच बजे नरेंद्र के परिवार के चाचा रिश्तेदारों को लेकर धरनास्थल पहुंचे और धरना समाप्त करने को कहा। जिसको लेकर नरेंद्र के परिजनों, सपा नेत्री नेहा गौड़ और ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष शौकिंद्र भारद्वाज की उनसे नोकझोंक हो गई। विरोध पर रिश्तेदार वहां से भाग खड़े हुए।
आज सपा मुखिया से मिलेंगे
सपा नेता अतुल प्रधान नरेंद्र की मां मुन्नी देवी, पिता मलखान सिंह, दिव्यांग भाई जितेंद्र, अमित, ईश्वर चंद, भाभी बबीता, दिव्यांग संघ अध्यक्ष रियासत अली को लेकर बुधवार को लखनऊ चले गए। जहां बृहस्पतिवार को परिजन सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे। सपा मुखिया इस प्रकरण को लेकर प्रेस वार्ता भी कर सकते हैं।
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