मेरठ/मोदीपुरम।
नरेंद्र की मौत के मामले में चौथे दिन भी पीड़ित परिवार आमरण अनशन पर बैठा रहा। रविवार को शोकसभा पर महापंचायत भी होगी। जिसमें विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। वहीं शनिवार को नरेंद्र के परिवार की हालत बिगड़ गई। लेकिन अभी तक पुलिस प्रशासन ने परिवार की कोई सुध नहीं ली। महापंचायत में सर्व समाज के लोग शामिल होंगे।
जेल में बंद नरेंद्र की मौत का मामला गर्माया हुआ है। शनिवार को नरेंद्र की मां मुन्नी देवी और भाई जितेंद्र की हालत खराब हो गई है। नरेंद्र के पिता मलखान का कहना है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध 302 का मुकदमा कायम नहीं होगा वे अनशन करते रहेंगे। परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पचास लाख रुपये एवं सरकारी नौकरी मिले। अनशन पर सपा नेता अतुल प्रधान भी मौजूद रहे। नरेंद्र के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए दिव्यांग भी परिवार के साथ अनशन पर बैठे हैं। रविवार को शोकसभा पर महापंचायत होगी, जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। ब्राह्मण महासभा जिलाध्यक्ष शौकेंद्र भारद्वाज भी अनशन पर बैठे। उन्होंने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे तक अल्टीमेटम दिया है। अगर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो फिर आंदोलन किया जाएगा। मौके पर पहुंचे पल्लवपुरम इंस्पेक्टर दिलीप कुमार शर्मा ने अनशन को खत्म करने को कहा। जहां पर इंस्पेक्टर और शौकेंद्र भारद्वाज तीखी नोकझोंक भी हो गई।