मेरठ। भावनपुर क्षेत्र के औरंगाबाद स्थित एक मदरसे के हाफिज ने रविवार शाम अपने घर में गोवंश का कटान कर दिया। पुलिस के अनुसार जलसे में आए महमानों के लिए कटान किया गया है। भावनपुर पुलिस मौके पर पहुंची तो हाफिज फायरिंग कर भाग गया। पुलिस ने मौके से गोवंश के अवशेष बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि भावनपुर थाना के गांव औरंगाबाद निवासी हाफिज अबरार गांव में एक मदरसे में हाफिज है। धार्मिक स्थल में जलसा चल रहा है। जहां पर दूर-दूर से महमान आये हुए थे। आरोप है कि महमानों की दावत के लिए हाफिज ने अपने भाई और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक बछड़े को काट दिया। सूचना पर एसओ भावनपुर आशुतोष कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने एक मकान में छापा मारते हुए जुनेद, शहाबाद और शफीक को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि इस दौरान हाफिज अबरार ने अपने भाई के साथ मिलकर पुलिस पर फायरिंग कर दी और जंगल के रास्ते फरार हो गया। पुलिस ने मौके से गोवंश के अवशेष के अलावा छुरा, बलकटी, रस्सी, लकड़ी का गुटका, तराजू और बाट बरामद किए हैं। पुलिस ने पशु चिकित्सा अधिकारी बीपीएस यादव को टीम के साथ मौके पर बुला लिया और मीट के सैंपल भरवाए। जिसके बाद गोवंश के अवशेष मिट्टी में दबवा दिए। पुलिस अफसरों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मीट गोवंश का लग रहा है। पुलिस ने गोवध अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। जुुनेद, शहाबाद और शफीक को गिरफ्तार कर लिया है।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का हंगामा
गोकशी की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता अर्जुन राठी, मोहित कांबोज अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा कर दिया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि भावनपुर क्षेत्र में गोकशी की घटना रुक नहीं रहीं है। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाकर शांत कराया।
हत्या में जेल जा चुका शफीक
एसओ भावनपुर ने बताया कि मौके से पकड़ा गया शफीक करीब डेढ़ साल पूर्व गांव निवासी छिद्दा की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। चार माह पहले जमानत पर आया था। जिसके बाद गांव के अन्य लोगों के साथ गोकशी करने लगा।
15 दिन में गोकशी की दूसरी घटना
भावनपुर पुलिस के लिए क्षेत्र में गोकशी रोकना चुनौती बनता जा रहा है। दस मार्च को नंगलाशाहू में एक शादी समारोह में बरात के लिए भी एक सपा नेता की डेयरी में गोकशी की घटना हुई थी। जिसके आरोपी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
हाफिज ने धोखे से फंसाया
पकड़े गये आरोपी शफीक और अन्य दोनों ने पुलिस को बताया कि हाफिज ने उन्हें यह कहा था कि दावत के लिए भैंस काटनी है। जिसके बाद उन्हें मकान में बुलाया गया था। यह मकान भी हाफिज का ही है। बाद में जव वह पहुंचे तो हाफिज ने बछड़े को रस्सी से बांध रखा था। उनके मना करने पर कहा कि भागे तो सबको पता चल जाएगा। इसके बाद कुछ मीट को दूसरी जगह पहुंचा दिया गया था, तभी पुलिस आ गई।