पत्नी और बेटी ही नहीं पिता के खून से भी रंगे हाथ
बहसूमा/मेरठ। मंगलवार सुबह के 7:00 बजे थे। बहसूमा कस्बे में शोर मचा कि अनुज की पत्नी ममता और बेटी अवनि को किसी ने मार डाला। दोनों शव अनुज के घर के पीछे तालाब के पास घास फूस में खून से लथपथ पड़े थे। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोनों शव देखकर कस्बे के लोग सिहर उठे। जितने मुंह उतनी बातें। मौके पर पुलिस पहुंची तो अनुज और उसकी मां इंद्रेश ने रोते हुए कहना शुरू कर दिया कि ममता ने पहले बेटी को मार डाला और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतरी। उसके बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ कि अनुज ने पत्नी और बेटी ही नहीं बल्कि अपने पिता के खून से भी हाथ रंगे हैं।
घटना ममता के मत्थे मढ़ने की कोशिश
पुलिस के अनुसार मृतका ममता के ससुराल वालों ने खुद ही हंगामा करना शुरू कर दिया था। ममता के पति और सास दहाड़े मारकर रोने लगे। इस घटना को ममता के मत्थे ही मढ़ने की कोशिश करने लगे। लेकिन यह बात किसी को हजम नहीं हो रही थी। इस बीच ममता के मायके वाले भी पहुंच गए। जिनकी शिकायत पर पति और सास को हिरासत में ले लिया गया।
समझाने पर और करते थे उत्पीड़न
थानाध्यक्ष के अनुसार ममता के भाई कर्मवीर सिंह ने अनुज और इंद्रेश के खिलाफ हत्या करने व अनुज के मामा प्रमोद पुत्र महेंद्र पर साजिश रचने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कर्मवीर ने बताया कि सारा झगड़ा ममता से बेटा न होने को लेकर था। हमने और रिश्तेदारों ने अनुज को कई बार समझाया। लेकिन उसके बाद से पति और सास ममता का और ज्यादा उत्पीड़न शुरू कर देते थे।
हां! मैंने पिता को भी मारा था
एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि हत्यारोपी अनुज ने पूछताछ के दौरान यह भी कबूला कि उसने करीब दो वर्ष पूर्व अपने पिता पवन कुमार की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसकी वजह अनुज ने यह बताई कि उसके पिता के कस्बे की ही महिला से अवैध संबंध थे, जिसका उसने कई बार विरोध किया। लेकिन पिता नहीं मानता था। उसका पिता उस महिला के ऊपर काफी धन खर्च करता था। उसने कई बार महिला से मिलने से मना भी किया लेकिन वह नहीं माना। आखिर में उसने पिता को रास्ते से हटा दिया और गुपचुप अंतिम संस्कार कर दिया था। इस दौरान कस्बे में पवन की हत्या की चर्चाएं फैलीं थीं। लेकिन मामला दब गया था।
परदादी की पांच दिन पहले मौत
हत्यारोपी अनुज की परदादी दिलावरी करीब 100 वर्ष की थीं। पांच दिन पूर्व ही उनकी मौत हुई थी। जिनकी तेरहवीं बुधवार को होनी है। इसकी तैयारी चल रही थी। अनुज घर में इकलौता है। उसके पास खेती की करीब 30 बीघा जमीन है। अनुज ने अपनी इकलौती बहन की शादी इसी 24 फरवरी को की है। अनुज का कोई ताऊ या चाचा भी नहीं है। उसे बस यही रट लगी थी कि किसी तरह उसके बेटा हो जाए।
इस महत्वपूर्ण तथ्य ने दिया ठोस इशारा
एसओ ने बताया कि अनुज ने पहले पत्नी की चाकू से हत्या की। बेटी जाग गई थी तो हत्या का राज खुलने के डर से अनुज ने मासूम को भी गला रेतकर मार डाला। हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार घटनास्थल पर नहीं मिलना ही हत्या करने की तरफ ठोस इशारा कर रहा था। फिर जब मां-बेटे ने शव मिलने पर नाटक करना किया तो उन पर शक होना शुरू हो गया था।
मैंने चाकू से गोद दी थी गर्दन
थानाध्यक्ष बहसूमा के अनुसार हत्यारोपी पति और सास ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देना कबूल लिया। बकौल एसओ अनुज ने बताया कि ममता द्वारा बेटा पैदा न करने को लेकर घर में रोजाना झगड़ा होता था। सोमवार रात भी इसको लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद मैं आपा खो बैठा था तथा चाकू से पत्नी की गर्दन गोदकर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
‘मेरी मां को मत मारो’
इस वारदात के दौरान अनुज की पांच वर्षीय बेटी अवनि जाग गई थी। उसने शोर मचाया कि ‘मेरी मां को मत मारो’ लेकिन उसके बावजूद भी अनुज को मासूम पर दया नहीं आई और निर्दयता से चाकू से प्रहार कर उसे मार डाला था। इसके बाद मां-बेटी के शवों को घर के पीछे तालाब के समीप घास फूस पर जाकर डाल दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद करने का दावा किया है। तीसरे आरोपी निलोहा निवासी मामा प्रमोद के घर भी दबिश दी। लेकिन वह हत्थे नहीं चढा।
प्लानिंग से वारदात
अनुज ने इस दोहरे हत्याकांड को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। मृतका ममता के भाई कर्मवीर ने बताया कि दो दिन पूर्व उसकी भांजी की शादी थी। लेकिन उसके बहनोई ने उसकी बहन को शादी में नहीं भेजा था। उसने पहले ही हत्या करने की योजना बना रखी थी।
दूसरी शादी करने की प्लानिंग थी
अनुज के अनुसार उसने पत्नी की हत्या को मंगलवार तड़के करीब चार बजे अंजाम दिया था। उस समय ममता पशुओं का चारा कर दूध निकालने के लिए उठी थी, तो मैं भी उसके पीछे-पीछे चल दिया था। कमरे से करीब सौ मीटर दूर मैंने पीछे से ममता पर चाकू से प्रहार किया था। इसके बाद बेटी को भी काट डाला था। हत्यारोपी के अनुसार वह पत्नी को मारकर दूसरी शादी करना चाहता था। बेटे की चाहत में ममता उसे दुश्मन लगने लगी थी। एक सप्ताह पहले उसने हत्या करने का प्लान बनाया था।
तीन माह पूर्व कराया गर्भपात
हत्यारोपी अनुज ने बताया कि इससे पूर्व भी एक बेटी हुई थी, जिसकी मौत हो चुकी है। बेटे की चाहत में तीन माह पूर्व ही उसने ममता का गर्भपात करा दिया था। बेटा नहीं होने पर ही उसने घटना को अंजाम दिया है।
फांसी की सजा भी कम
इस दोहरे हत्याकांड को लेकर कस्बे के लोगों का कहना है कि हत्यारोपी अनुज और उसकी मां के लिए फांसी की सजा भी कम है। इनको ऐसी सख्त सजा दी जाए जो नजीर बन जाए। पहले हुई पिता की हत्या में कोई कार्रवाई नहीं होने से अनुज का दुस्साहस बढ़ गया था।
खास बातें:
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