मोदीपुरम। 15 साल पुराने वारंट में दौराला थाने लाए गए एक व्यक्ति ने शनिवार को पत्नी के साथ जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जिसके बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने दंपति को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, दंपति ने पुलिस पर पानी में जहर देने का आरोप लगाया है।
गांव अझौता निवासी शिव कुमार को दौराला पुलिस वारंट जारी होने पर थाने लेकर आई थी। अस्पताल में भर्ती शिव कुमार ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के सामने ही पुलिस ने उसे पीटकर हवालात में डाल दिया। उसके मांगने पर पुलिस ने उसे जो पानी दिया, उसे पीने के थोड़ी देर बाद ही दंपति की हालत बिगड़ने लगी।
दंपति ने पी थी चाय
थाना प्रभारी मनोज मिश्र का कहना है कि शिव कुमार के पत्नी दिव्या थाने चाय लेकर आई थी। दंपति ने थाने में चाय पी थी। पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत हैं। एसपी सिटी और सीओ ने भी दंपति से पूछताछ की।
पंद्रह दिन पहले भी लाए थे
शिव कुमार ने करीब 15 साल पहले गांव निवासी धर्मवीर की जमानत ली थी। लेकिन धर्मवीर के कोर्ट में नहीं जाने पर शिवकुमार के वारंट जारी हुए थे। 15 दिन पूर्व भी शिवकुमार को हिरासत में लिया गया था। लेकिन पत्नी दिव्या ने जहरीला पदार्थ खाने का नाटक किया था, जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने शिव कुमार को कोर्ट में हाजिर होने की चेतावनी देते हुए निजी मुचलके पर छोड़ दिया था। हालांकि इस मामले को मीडिया से छिपाने की कोशिशों को लेकर भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
यह दंपति का ड्रामा
सीओ दौराला पंकज सिंह का कहना है कि एक मामले में वांछित होने पर पुलिस शिव कुमार को थाने लेकर आई थी। वह आपराधिक प्रवृत्ति का है, जिस पर कई मुकदमे दर्ज है। जहर देने का आरोप बेबुनियाद है। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए दंपति ने थाने में जमकर ड्रामा किया है।