गांव बिसौला के लोगों ने पूर्व विधायक पर जानलेवा हमले के आरोपियों को छुड़वाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने के विरोध में नारेबाजी कर सीओ कार्यालय पर हंगामा किया। वहीं, इस मामले में नानपुर के लोग भी सीओ से मिले तथा अपना पक्ष रखा। उधर, पुलिस ने हिरासत में लिए युवक को जांच में निर्दोष बताकर छोड़ दिया।
उल्लेखनीय है कि गांव नानपुर निवासी युवती का विवाह गांव बिसौला में हुआ था। जिसकी 6 माह पूर्व झुलसने से संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। जिसमें मायके वालों ने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ इंचौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, बिसौला निवासी इमरान इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से मुकदमें में पैरवी कर रहा था। जिस पर तारीख पर जाते समय जानलेवा हमला हुआ था। जिसमें इमरान ने नानपुर निवासी तीन सगे भाइयों को नामजद किया था।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को जानलेवा हमले में दो लोगों को हिरासत में लिया था। इसकी सूचना पर पूर्व विधायक ने पहुंचकर हिरासत में लिए लोगों को निर्दोष बताते हुए धरना दिया था। आज इसमें इमरान एवं उसके पक्ष के लोग सीओ के यहां पहुंचे तथा उन्होंने पूर्व विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीओ कार्यालय पर हंगामा करके एक पत्र सीओ को दिया। जिसमें कहा कि पूर्व विधायक आरोपियों को छुड़ाने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहा है। उनके द्वारा दर्ज मुकदमे को खत्म करना चाहता है। उन्होंने पकड़ गए मुल्जिम को नहीं छोडे़ जाने तथा पैरोकार की जानमाल की सुरक्षा किए जाने की मांग की है। पत्र पर इमरान, शहजाद, महबूब, आबिद, राहुल, गुड्डू आदि के हस्ताक्षर हैं।
वहीं, इस मामले में नानपुर के लोग भी सीओ से मिले तथा अपना पक्ष रखा। वहीं, थाना प्रभारी ब्रजेश कुशवाहा ने बताया कि जिन दो लोगों को जानलेवा हमले के मामले में हिरासत में लिया गया था। जांच में निर्दोष पाए जाने पर उनमें से एक को बृहस्पतिवार की रात तथा दूसरे को शुक्रवार की शाम छोड़ दिया है।
मुख्य बातें
पैरोकार पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप
पुलिस ने हिरासत में लिये दूसरे ग्रामीण को भी शुक्रवार शाम छोड़ दिया