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मेरठ पुलिस लापरवाह, अपहृत इकराम की हत्या हो गई

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मेरठ। अपहरण का केस दर्ज होने के बावजूद भी लिसाड़ी गेट पुलिस लापरवाही बनी रही और अपहृत इकराम की हत्या हो गई। नूरनगर रेलवे हाल्ट पर रविवार को मिला शव बड़ा गांव परीक्षितगढ़ निवासी इकराम (32) पुत्र खुर्शेद खां का निकला है। परिजनों ने पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताते हुए शव रखकर जाम लगा दिया।
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परिजनों के मुताबिक इकराम चार जून को लिसाड़ी गेट में एक महिला से मिलने आया था। इकराम और महिला के बीच संबंध थे। इकराम वापस घर नहीं पहुंचा तो इकराम के बडे़ भाई उस्मान ने पांच जून को लिसाड़ीगेट में महिला और उसके परिजनों पर अपहरण का केस दर्ज कराकर हत्या करने का अंदेशा जताया था। लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं बरती। पुलिस दावा करती रही कि इकराम महिला से मिलने के बाद राधना तक पहुंचा। जहां वह अपने परिजनों से मिला। पीड़ित परिवार ने कई बार अंदेशा जताया कि इकराम के साथ अनहोनी हो सकती है।
विवेचक तो छुट्टी पर है
सोमवार सुबह इकराम के परिजन पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के साथ एसपी सिटी से मिले। शाहिद मंजूर ने एसपी सिटी से इकराम के साथ अनहोनी का अंदेशा जताया था। एसपी सिटी ने इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट से केस की प्रगति पूछी तो बताया गया कि जांच लाइन हाजिर दरोगा प्रमोद कुमार के पास है, जो पांच दिनों की छुट्टी पर है। उसके लौटने पर ही जांच होगी।
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एक लाश मिली है, पहचान लो
एसपी सिटी ऑफिस से निकलते ही उस्मान के मोबाइल पर कॉल आई कि एक लावारिस लाश रविवार को नूरनगर हाल्ट के पास मिली थी। इतना सुनते ही शाहिद मंजूर और परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। जहां पर शव की पहचान इकराम के रूप में की।
यह तो सीधे-सीधे लापरवाही
पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के अनुसार यह सीधे-सीधे पुलिस की लापरवाही है। गंभीरता से जांच करने के बजाय पुलिस कहती रही कि इकराम को उसके परिजनों ने ही गायब किया हुआ है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
महिला ने मरवाया मेरा भाई
उस्मान का आरोप है कि महिला ने उसके भाई इकराम को बुलाकर मरवाया। उसकी हत्या में इमरान निवासी कैली रामपुर, परीक्षितगढ़ शामिल था। अपहरण केस में महिला और इमरान भी नामजद कराए थे। लेकिन लिसाड़ी गेट पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर ली। थाने में दो बार महिला और उसके पति को बुलाया गया। मेहमाननवाजी के बाद बेकसूर बताकर छोड़ दिया। हम पुलिस से कहते रहे कि इकराम के साथ अनहोनी हो सकती है। लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी।
दो जगह लगाया जाम
इकराम के शव की शिनाख्त के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों ने शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। बाद में परिजनों और ग्रामीणों ने किठौर परीक्षितगढ मार्ग पर गांव अमीनाबाद उर्फ बडा गांव के सामने इकराम का शव रखकर फिर जाम लगा दिया। सूचना पर कई थानों की पुलिस पहुंची और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन परिजन उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। आरोप लगाया कि महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर इकराम की हत्या कराई है।
यह लापरवाही भी कम नहीं
लिसाड़ी गेट थाने में इकराम के अपहरण का केस दर्ज था तो उसकी लाश थाने की सीमा से सटे ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में मिली। इससे बड़ी लापरवाही क्या होगी कि लिसाड़ी गेट पुलिस ने अपहरण की सूचना किसी भी थाने को नहीं दी। वहीं, ब्रह्मपुरी पुलिस ने भी लावारिस शव की सूचना नियमानुसार दूसरे थानों में नहीं दी। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रविवार को इकराम का शव मिलने पर यही कहते रहे कि यह हत्या का नहीं ट्रेन एक्सीडेंट का मामला है।
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खास बातें:
- नूरनगर रेलवे हाल्ट के पास तालाब से मिला शव इकराम का निकला
- परीक्षितगढ़ निवासी इकराम 4 जून को एक महिला से मिलने आया था
- महिला समेत तीन लोगों पर था अगवा करने का केस, परिजनों ने जाम लगाया
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