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जाम में ना फंसता तो शायद बच जाती जान

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मेरठ। फायरिंग में मारे गए बेकसूर अजय को जाम ही मौत के मुंह में खींचकर ले गया। परिजनों का कहना है कि जाम की वजह से ही वो पटेल नगर के रास्ते से निकला था। यदि जाम न होता तो शायद उसकी जान न जाती।
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शिवपुरम नई बस्ती टीपी नगर निवासी अजय इलेक्ट्रिक सामान ठीक करता था। घर में ही उसने दुकान खोली हुई थी। अजय के पिता सत्यवीर सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम अजय पुलिस लाइन में एक फ्रीज ठीक करने के लिए गया था। उसके साथ बाइक पर मोहल्ले का ही अमित भी था। छतरी वाले पीर से खैर नगर चौराहे तक काफी जाम लगा था। कुछ देर पहले वे भी वहां से निकले थे और जाम में फंसे थे। इसी वजह से अजय भी वहां से निकलने की बजाय जली कोठी से पटेल नगर वाले रास्ते से बच्चा पार्क के लिए निकला और शायद यही उसकी मौत की वजह बनी।
अमित है घटना का चश्मदीद
अजय के साथ बाइक से जा रहा नई बस्ती निवासी दोस्त अमित ही इस घटना का चश्मदीद है। एसओ देहली गेट के अनुसार अमित ज्यादा कुछ नहीं बता रहा है।
खुलेआम अराजकता और गुंडई
मेरठ। अजय की हत्या से पहले पटेल नगर में पूरी तरह से अराजकता और गुंडई हो रही थी। बाइक सवारों ने सरेआम असलहों से फायरिंग की। लेकिन दहशत के मारे इन्हें किसी ने टोकने की भी हिम्मत नहीं की। अजय के साथी अमित ने बताया कि जब वे बाइक से पटेल नगर की ओर घुसे तो वहां काफी बाइकें खड़ी थीं। गली में खडे़ लोगों ने हमें यह कहकर आगे जाने से रोका कि आगे गोलियां चल रही हैं। उन्हें भी गोलियां चलने की आवाज आई। उन्होंने जैसे ही बाइक मोड़ी, तभी एक गोली अजय को लगी। अजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
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दिल के पास लगी गोली
मेरठ। अजय के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी हुई। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने पर पुलिस ने एहतियात बरती। पुलिस के पहरे में शव का अंतिम संस्कार हुआ। एसओ देहली गेट के अनुसार अजय के दिल के पास एक गोली लगी थी, जो मौत का कारण बनी। यह गोली शरीर के पार हो गई थी।
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