मेरठ। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ईव्ज पेट्रोल पंप के सामने फर्जी फाइनेंस कंपनी के ऑफिस पर छापा मारा। कंपनी के संचालक समेत 13 युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि कंपनी द्वारा लोन देने के नाम पर ठगी की जा रही थी।
सीओ एसटीएफ बृजेश कुमार ने बताया कि कई दिनों से मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि ईव्ज चौराहे के पास सिग्नेचर प्लस के नाम से फाइनेंस कंपनी में लोन दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही है। अलीगढ़ निवासी सुमित कुमार ने ठगी की शिकायत की थी। एसटीएफ ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि फाइनेंस कंपनी का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। फर्जी तरह से फाइनेंस कंपनी चलाई जा रही है। मंगलवार शाम सीओ के अलावा इंस्पेक्टर एसटीएफ धर्मेंद्र यादव की टीम ने फाइनेंस कंपनी पर छापा मारा। सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली यशवीर सिंह भी पहुंच गए।
डेढ़ साल से गोरखधंधा
सीओ ने बताया कि करीब डेढ़ साल से किराए के भवन में यह फर्जी फाइनेंस कंपनी चलाई जा रही थी। मुख्य आरोपी सोनू गुर्जर निवासी रोहटा रोड़ थाना टीपीनगर और सुहेल उर्फ इरफान निवासी मेदपुर थाना भावनपुर व 11 अन्य युवकों को गिरफ्तार कर कोतवाली थाने भेज दिया गया। आरोपियों ने वेस्ट यूपी के अलावा पूर्वांचल में भी अलग-अलग जिलों में फर्जी फाइनेंस कंपनी खोल रखी हैं। मौके से 12 युवतियों को भी हिरासत में लिया गया था। जिनसे पूछताछ में पता चला कि वह तो यहां सिर्फ नौकरी करती हैं। जिन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
यह हुआ बरामद
पकड़े गए आरोपियों से 23 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, सौ से अधिक शपथ पत्र, रजिस्टर और लोन संबंधी कागजात बरामद किए गए हैं। एसटीएफ की तरफ से कोतवाली थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया।