मवाना खुर्द से शनिवार देर शाम बाइक पर सवार होकर लौट रहे बजरंग दल कार्यकर्ता से चेकिंग के नाम पर रुपये मांगने तथा मारपीट करने वाले दो सिपाहियों का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। इससे साफ है कि बेखौफ बदमाश दिनदहाडे़ वारदातों को अंजाम दे सकते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लग सकेगी।
उल्लेखनीय है कि बजरंग दल के कार्यकर्ता मोनू अपने साथी के साथ शनिवार की देर शाम बाइक पर सवार होकर मवाना लौट रहा था। सांधन पुलिया के निकट बाइक सवार दो पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया तथा चेकिंग के नाम पर उससे रुपये मांगे थे। दोनों पुलिसकर्मियों ने रुपये नहीं देने पर मोनू से अभद्रता एवं मारपीट की थी।
इस मामले को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर हंगामा किया था। उन्होंने दोनों सिपाहियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर घंटों थाने पर धरना दिया था। बाद में सीओ यूएन मिश्र द्वारा सिपाहियों का पता लगाकर कार्रवाई के आश्वासन तथा आरोपी दोनों सिपाहियों के खिलाफ पीड़ित द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ था। हालांकि थाना पुलिस 24 घंटे बाद भी उक्त दोनों सिपाहियों का सुराग लगाने में नाकाम रही है। थाना प्रभारी दीपक शर्मा का कहना है कि जिस नाम के सिपाही मोनू ने बताए हैं वे आसपास के थानों और जिले में नहीं हैं। फिर भी जानकारी की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि वे पुलिसकर्मी थे भी या नहीं। वहीं अभी तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
मुख्य बातें
मवाना खुर्द से लौट रहे बजरंग दल के कार्यकर्ता से रुपये मांगने एवं मारपीट करने का मामला