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पुलिस की खामोशी पर हावी सलमान-सारिक की गैंगवार

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मेरठ। खाकी की खामोशी सलमान और सारिक के बीच गैंगवार की आग भड़का रही है। दोनों कुख्यात एक के बाद एक एक दर्जन से ज्यादा लोगों का खून बहा चुके हैं। लेकिन पुलिस इन पर नकेल कसने के बजाय मौत का तमाशा देख रही है। नौबत यहां तक पहुंच चुकी है कि दोनों बदमाश एक-दूसरे के परिवार से संपर्क करने वालों की भी हत्या कर रहे हैं। कोतवाली में सलमान के घर पर हरियाणा के शूटर को गोली मारने की चर्चा फैली। लेकिन पुलिस पता तक नहीं लगा सकी कि आखिर मामला क्या था।
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सोतीगंज के दो साल पहले बिलाल की हत्या में कुख्यात सलमान जेल गया था। वहीं, डेढ़ साल पहले साकेत में किन्नर की हत्या में सारिक व फाईक जेल गए। दोनों में जरायम की दुनिया में अपना वर्चस्व कायम रखने को लेकर दोनों के बीच खूनी अदावत छिड़ गई। दोनों ने अपने गैंग बना लिए। रंगदारी, चौथ वसूली, जुआ, सट्टा, कैसिनो संचालकों से वसूली करने का धंधा शुरू हो गया।
हत्या में उछलने लगा नाम
पुलिस के अनुसार इस दौरान शहर में किसी की हत्या हो, नाम इन दोनों के गैंगों का आता था। आरोप लगे कि सलमान ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर लिसाड़ी गेट में पूर्व पार्षद व किन्नर फाको की हत्या करा दी। सलमान की पैरवी उसका चाचा पार्षद आरिफ कर रहा था। आरोप हैं कि सलमान को कमजोर करने के लिए छह महीने पहले सारिक और फाईक ने आरिफ व उसके भतीजे शादाब की कोतवाली में सरेआम हत्या कर दी। जिसके बाद गैंगवार और गहरा गई। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। सारिक गैंग ने नवीन फल मंडी के प्रधान रहीसुद्दीन कुरैशी की दिनदहाड़े हत्या करा दी।
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गैंगवार रोकने में पुलिस फेल
सलमान और सारिक के बीच छिड़ी गैंगवार रोकने में मेरठ पुलिस पूरी तरह फेल साबित हुई है। जेल में बैठे दोनों कुख्यात शहर में जहां चाहे हत्या करा रहे है और पुलिस तमाशबीन बनकर रह जाती है। सभी हत्याएं शूटरों द्वारा कराई जा रही हैं। लेकिन पुलिस किसी शूटर को दबोच सकी। हत्या के बाद नामजद केस दर्ज हो जाता है और पुलिस नामजद आरोपियों में दो या तीन लोगों को जेल भेजकर भूल जाती है और फिर दूसरा मर्डर हो जाता है।
सलमान के घर शूटर मरा, अनजान पुलिस
करीब एक महीने पहले कोतवाली में कुख्यात सलमान के घर पर एक शूटर की हत्या होने की चर्चा थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एंबुलेंस से एक युवक को सलमान के भाई समेत चार पांच लोग स्ट्रेचर पर लेकर जा रहे थे। फुटेज देखने के बावजूद भी कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला एसएसपी तक भी पहुंचा, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं बरती। जबकि स्थानीय लोगों का कहना था कि सलमान के घर पर शूटर रहते है। शूटरों में किसी बात पर कहासुनी हुई और गोली चली। जिसमें एक शूटर की हत्या हो गई। तभी से सलमान का परिवार घर से गायब है।
जाने आलम पांच मिनट पहले वहां से गया
पुलिस ने बताया कि सारिक के पशुओं की देखरेख करने वाला जाने आलम भी ढबाई नगर से पांच मिनट पहले ही गया था। जाने आलम का आरोप है कि सलमान के शूटर उसकी हत्या करने आए थे। घटनास्थल से चंद कदम की दूरी पर सारिक का भाई वामिक खुद के होने का दावा कर रहा है।
सलमान के दो भाई समेत सात नामजद, तीन अज्ञात पर केस
इंस्पेक्टर नौचंदी मनोज मिश्रा का कहना कि इस मामले में तीन तहरीर आई हैं। सारिक के भाई वामिक ने भी एक तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि वह वारदात के दौरान अपने नौकर सलीम, शम्मी, उम्मीद, तनवीर से भैंसों का दूध निकलवा रहा था। उसने जेल में बंद सलमान के भाई आमिर, आसिफ व उसके पिता निजामुद्दीन निवासी इस्माइल नगर कोतवाली, सरफराज निवासी तोपचीवाड़ा, आजम निवासी इस्माइल नगर, असलम निवासी सराय बहलीम और आमिश ख्वाजा और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
आरिफ की हत्या का बदला लेने आए थे
वामिक ने बताया कि कोतवाली में पार्षद आरिफ की हत्या का बदला लेने आरोपी आए थे। सलमान का भाई आमिर शातिर अपराधी है। उन्होंने वामिक ओर उसके नौकरों को ढबाईनगर में मारने का प्लान बनाया था। इसी उद्देश्य से आरोपियों ने हमला बोला था। गोलियां चलाते समय आरोपी धमकी दे रहे थे कि वह सारिक के परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं छोड़ेंगे।
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खास बात
कुख्यात सलमान और सारिक गैंगवार में बहा चुके एक दर्जन से ज्यादा लोगों का खून
पुलिस मजबूत कार्रवाई करने के बजाय देख रही मौत का तमाशा
सलमान के घर हरियाणा के शूटर की हत्या हुई, नहीं लगा सुराग
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