सिटी के लिए भी
खरखौदा।
दो युवकों के अपहरण के बाद मारपीट करने की सूचना पाकर यूपी 100 पुलिस गांव घोसीपुर पहुंची। आरोप है कि बंधक बनाने वालों ने पुलिस को गालीगलौज एवं धक्का-मुक्की करके दौड़ा लिया। इसकी जानकारी पाकर पहुंची थाना पुलिस को देख आरोपी भाग निकले।
गांव नरहाड़ा निवासी संजू पुत्र किशनपाल और गांव कौल निवासी रिंकू पुत्र बिजेंद्र चार माह से गांव घोसीपुर निवासी आस मोहम्मद पुत्र भोटन के यहां पर 200 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम करते थे। रिंकू ट्रैक्टर चालक है तथा संजू लेबर का काम करता है। संजू का आरोप है कि पिछले पंद्रह दिन से आस मोहम्मद ने उनका हिसाब नहीं किया। दोनों के करीब पांच हजार रुपये आस मोहम्मद की ओर निकल रहे थे। उन्होंने आस मोहम्मद से कई बार तकादा किया। इस पर वह बहाना बनाता रहा। इस पर दोनों ने आस मोहम्मद के यहां से काम छोड़ दिया। ये दोनों रविवार को काम पर जा रहे थे। हाजीपुर बस स्टैंड से आस मोहम्मद ने साथियों के साथ दोनों का बाइकों पर जबरन अपहरण कर लिया। इसके बाद गांव में ले जाकर मकान में बंद कर दिया। आरोप है कि आस मोहम्मद ने साथियों के साथ मिलकर दोनों की जमकर पिटाई की। रिंकू ने मौका पाकर फोन से संजू के परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद में संजू का भाई एवं पिता गांव घोसीपुर में आस मोहम्मद के मकान पर पहुंचे तथा दोनों को छुड़वाने का प्रयास किया। आरोप है कि आस मोहम्मद ने उन दोनों को भी मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने यूपी 100 को अपहरण कर बंधक बनाने की सूचना दी। इस पर यूपी 100 मौके पर पहुंची तथा पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों को मुक्त कराने का प्रयास किया। आरोप है कि आरोपी पक्ष ने पुलिस को भी दौड़ा लिया तथा जमकर गालीगलौज एवं धक्कामुक्की की। थानाध्यक्ष इसकी जानकारी पाकर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि आरोपी फरार हो चुके थे। इस मामले में संजू की ओर से अपहरण कर बंधक बनाकर मारपीट एवं लूटपाट करने की तहरीर दी है। वहीं, थानाध्यक्ष प्रमोद गौतम ने बताया कि तहरीर मिल गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
अपहृत युवकों को छुड़ाने पहुंची पुलिस को आरोपियों ने दौड़ाया
पीड़ितों ने अपहरण कर बंधक बनाने और मारपीट करने की तहरीर दी