सिंडीकेट बैंक में एक दिन में हुईं दो वारदात, एक युवक पैसे जमा करने आया था तो दूसरा निकालने
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
कस्बे की सिंडीकेट बैंक की शाखा में सोमवार को बदमाशों ने दो अलग-अलग वारदातों में दो युवकों से 42 हजार रुपये की ठगी कर ली। एक मामले में बदमाशों ने पीड़ित के खाते में एक लाख रुपये जमा कराने का झांसा दिया। वहीं दूसरे मामले में 22 हजार रुपये के बदले दो हजार के नोटों की की गड्डी देने का वादा कर बहकाया। पीड़ित बदमाशों की बातों आकर अपना रुपया गवां बैठे। दोनों पीड़ितों ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के बाद बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
खाता न होने का दिया झांसा
क्षेत्र के गांव रजपुरा निवासी आदिल पुत्र राशिद का सिंडीकेट बैंक में खाता है। आदिल मेरठ के एनएएस डिग्री कालेज में बीकाम का छात्र है। सोमवार को वह घर से खाते में 20 हजार रुपये जमा कराने आया था। वह विड्राल भरकर पैसे जमा करने के लिए लाइन में लगा था। इसी दौरान दो युवकों ने बैंक में खाता न होने की बात कहकर आदिल से उसके खाते में एक लाख रुपये जमा कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाद में खाता खुलने पर वह रकम को अपने खाते में ट्रांसफर करा लेंगे। इस पर आदिल से सहमति जता दी। बातों-बातों में दोनों आरोपी युवक उसे बैंक के बाहर ले आए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने आदिल को पीटकर 20 हजार रुपये छीन लिए और फरार हो गए।
दो हजार की गड्डी दिखा बहकाया
सोमवार दोपहर गांव फफूंडा निवासी हरशरण पुत्र मंगते सिंडीकेट बैंक की शाखा से 33 हजार रुपये निकालने आया था। हरशरण नगदी निकाल कर बैक के बाहर आया तो उसके साथ ही दो युवक भी निकले। युवकों ने रुमाल में बंधी दो हजार के नोटों की गड्डी दिखाते हुए हरशरण से 22 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने उसके बदले दो लाख रुपये के नोटों की गड्डी देने का वादा किया। हरशरण उनके बहकावे में आ गया। युवक मोहिउद्दीनपुर रोड तक उसके साथ आए। थाना के पास उन्होंने पैसे का लेन-देन किया। घर पहुंचने पर हरशरण ने रुमाल खोलकर देखा तो उसमें दो हजार के नोटों की गड्डी की जगह कागज के टुकड़े मिले। वह तुरंत परिजनों के साथ थाने पहुंचा और मामले की तहरीर दी। दोनों मामलों में थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि तहरीर ले ली गयी है। बैंक की सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान कराई जाएगी।
बैंक में तैनात रहती है फैंटम
कस्बे में बैंक खुलने से लेकर बंद होने के समय तक एक फैंटम (दो सिपाही) तैनात रहती है। इसके बाद भी बैंक के आसपास लूट और ठगी की वारदात करने में बदमाश नहीं चूक रहे हैं। ऐसे में लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।