खरखौदा/मेरठ। चार युवकों को जेल भेजने का डर दिखाकर 22 हजार की घूस लेने के आरोप में खरखौदा थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक (एसएसआई) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज कराया गया है। एसएसपी ने आरोपी एसएसआई के अलावा थाने के एचसीपी को भी सस्पेंड कर दिया है। वहीं, रविवार देर रात इंस्पेक्टर खरखौदा संदीप सिंह को भी लाइन हाजिर कर दिया।
यह था मामला
मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राज्यमार्ग को बना रही कंपनी का प्लांट हापुड़ रोड स्थित गांव पांची के पास है। मार्ग निर्माण के लिए कंपनी का ठेकेदार मिट्टी डलवाने का काम कर रहा था। मिट्टी ढो रहे डंपरों से रास्ते में बनी पुलिया के पाइप टूट गए थे। जिस पर विगत छह अगस्त को खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव कूड़ी निवासी सुनील पुत्र धनीराम, सोनू पुत्र गिरवर, रवि पुत्र भोंडे और मनोज पुत्र राजे ने एक डंपर चालक को रोक लिया था। जिस पर ठेकेदार ने खरखौदा थाने में डंपर चालक को बंधक बनाने की सूचना दी थी। उस समय थाने पर मौजूद एसएसआई रवि सहगल के निर्देश पर एचसीपी रिसाल सिंह इन युवकों को पकड़कर थाने ले आए थे।
यह लगे आरोप
आरोप हैं कि एसएसआई ने चारों युवकों को डराते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। युवकों के परिजन थाने पहुंचे तो एसएसआई ने 40 हजार रुपये की मांग की। बाद में 25 हजार रुपये में सौदा हुआ। लेकिन युवकों के परिजनों ने 22 हजार रुपये एसएसआई को दिए। जिस पर एसएसआई ने एचसीपी से इन युवकों का शांतिभंग में चालान करा दिया।
कमिश्नर से की शिकायत
जमानत कराने के बाद इन युवकों ने कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार से शिकायत की। कमिश्नर के निर्देश पर एसएसपी मंजिल सैनी ने सीओ किठौर पंकज सिंह को मामले की जांच सौंपी। एसएसपी ने शनिवार रात ही एचसीपी रिसाल सिंह को सस्पेंड कर दिया। रविवार सुबह करीब 10 बजे सीओ चारों युवकों को लेकर थाने पहुंचे। जिसके बाद युवकों की तहरीर पर केवल एसएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसके बाद एसएसपी ने सीओ की रिपोर्ट पर एसएसआई को भी सस्पेंड कर दिया।
माफी मांगता रहा एसएसआई
थाने में चल रही कार्यवाही के दौरान एसएसआई सीओ से बार-बार माफी मांगता रहा। लेकिन सीओ के निर्देश पर एसएसआई के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हो गई। एसएसआई पर लगी धाराओं के आधार पर उसकी तुरंत गिरफ्तारी हो सकती थी। लेकिन सीओ थाने से जाते हुए मामले को निपटाने की सलाह दे गए।
विवेचना में कई फंसेंगे
मेरठ। एसएसआई के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट की यदि ईमानदारी से विवेचना हुई तो इस मामले में कई और पुलिस वाले लपेटे में आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में हुए लेन-देन में एक बाहरी व्यक्ति सहित एक अन्य दरोगा और कई पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। उनके माध्यम से ही इस मामले में सेटिंग हुई और घूस की रकम में हिस्सेदारी मिली। चर्चा है कि खरखौदा इंस्पेक्टर संदीप सिंह का ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में एसएसआई थाने के चार्ज के चक्कर में लगा था।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा
भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। इस प्रकरण में एसएसआई के खिलाफ केस दर्ज कराकर उसे सस्पेंड कर दिया गया है। यदि विवेचना में किसी ओर का नाम आता है तो उस पर भी कार्रवाई होगी। एचसीपी को शनिवार रात ही निलंबित कर दिया गया था। -मंजिल सैनी दहल, एसएसपी
खास बात:
चार युवकों को जेल भेजने का डर दिखाकर ली 22 हजार की घूस
कमिश्नर के निर्देश पर एसएसपी ने कराई थी सीओ किठौर से जांच
एचसीपी और एसएसआई सस्पेंड, इंस्पेक्टर खरखौदा लाइन हाजिर