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बांग्लादेशी युवक को पुलिस ने जेल भेजा ।

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अमर उजाला ब्यूरो
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फलावदा/मेरठ। कस्बे में एक दशक से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी को सोमवार को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बंग्लादेशी के पास से कई फर्जी आईडी भी बरामद हुई हैं, जिनकी जांच चल रही है।
एसटीएफ ने रविवार को फलावदा में पेट्रोल पंप के पास से अबू हन्नान उर्फ अबू हना पुत्र अब्दुल हन्नान को गिरफ्तार किया था। उसके पास से बांग्लादेशी सिमकार्ड, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड, आईडी कार्ड, पैनकार्ड और निवास प्रमाण पत्र बरामद किए गए थे। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया था कि अबू हन्नान फलावदा में 2006 से अवैध तरीके से रह रहा था। जो कई अन्य स्थानों पर भी रह चुका है। फलावदा निवासी शबाना से ही 12 साल पहले प्रेम प्रसंग होने पर लुधियान में निकाह कर लिया था। जिसके बाद शबाना अबू हन्नान को फलावदा ले आई थी और अपने परिजनों की मदर से उसका बैंक खाता, आईडी कार्ड और अन्य कागजात भी बना दिए। आईडी कार्ड से ही पासपोर्ट और पेनकार्ड भी फर्जी तरह से बनवा लिए थे।
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अच्छे व्यवहार से जीता लोगों का मन
अबू हन्नान ने अपने अच्छे व्यवहार से कस्बे के लोगों का उसने मन जीत लिया था। फलावदा की लड़की से निकाह होने के कारण लोगों का उस पर शक भी नहीं गया था। एसओ फलावदा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाने में 420, 467, 468 पासपोर्ट की धारा 3 व धारा 14 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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राहुल बताया था अपना नाम
कस्बे में रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी की पहचान छुपी रहे इस कारण उसने अपना नाम अबू हन्नान से बदलकर फलावदा में राहुल रख लिया था। इतने समय तक किसी को भनक तक नहीं लगी। हालांकि 17 अगस्त 2016 को बने पासपोर्ट में उसने अपना नाम अबू हन्नान ही दर्ज कराया है।

खास बात
एसटीएफ की टीम ने रविवार को फलावदा कस्बे स से किया था गिरफ्तार
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