अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
करीब डेढ़ सप्ताह पूर्व परीक्षितगढ़ बस स्टैंड पर गांव रानी नंगला के दो युवकों पर समुदाय विशेष की भीड़ द्वारा बोले गए जानलेवा हमले में पुलिस के कसते शिकंजे के कारण पांच आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। इस मामले में 22 नामजद आरोपी फरार हैं।
कस्बे में करीब डेढ़ सप्ताह पूर्व मामूली बात को लेकर गांव रानी नंगला के दो युवकों पर समुदाय विशेष की भीड़ ने परीक्षितगढ़ बस स्टैंड पर घेरकर जानलेवा हमला कर दिया था। इस मामले में पीड़ित रोहित ने 16 के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस मुख्य आरोपी समेत चार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
दूसरी ओर पुलिस ने हमले की वायरल हुई वीडियो के आधार पर 12 और लोगों चिह्नित किया था। पुलिस ने उनको भी नामजद कर लिया है। थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दे रही है। हालांकि आरोपी हाथ नहीं आ सके हैं। वहीं, फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए कुर्की के लिए न्यायालय में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि कसते शिकंजे के कारण तीन नामजद आरोपियों ने बृहस्पतिवार को तथा दो ने शुक्रवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि सभी नामजद आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।