खरखौदा/मेरठ। क्षेत्र के गांव फफूंडा में बुधवार रात नमाज के दौरान कुछ युवकों ने मस्जिद पर पथराव कर दिया। दोनों समुदाय के लोगों के आमने-सामने आने से सांप्रदायिक तनाव हो गया। पुलिस ने आरोपी दो युवकों को पकड़ लिया। बृहस्पतिवार को पंचायत में दोनों आरोपियों ने नशे में पथराव करने की बात कहकर माफी मांगी। जिसके बाद जिम्मेदार लोगों ने दोनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार गांव फफूंडा में दो मस्जिद हैं। इसमें बड़ी मस्जिद गांव के बीच में है। आरोप है कि बुधवार रात करीब 9:30 बजे नमाज के दौरान मस्जिद के बाहर खडे़ आधा दर्जन युवकों ने पथराव कर दिया। नमाजी जब तक बाहर निकलते तब तक आरोपी भाग गए। इसकी जानकारी पाकर मस्जिद के बाहर दूसरे समुदाय के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। जिसके बाद आरोपी पक्ष के कुछ लोग भी मौके पर पहुंच गय। दोनों समुदाय के लोगों के आमने-सामनेे आ जाने से सांप्रदायिक तनाव हो गया।
मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर खरखौदा संदीप कुमार से दूसरे समुदाय के लोगों ने पथराव करने के आरोपी युवकों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी दो युवकों को पकड़ा तो वे आरोपी पक्ष के लोग उन्हें निर्दोष बताने लगे। पुलिस ने दोनों पक्षों की सहमति होने पर आरोपी युवकों को गांव प्रधान ललित कुमार की सुपुर्दगी में दे दिया। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे ग्राम प्रधान ललित के आवास पर पंचायत बुला ली गई। जिसमें दोनों समुदाय के गणमान्य लोग शामिल हुए।
गांव के दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों ने भाईचारे के मद्देनजर आरोपी युवकों से पंचायत में माफी मांगने को कहा। जिसमें दोनों युवकों ने गलती स्वीकार की तथा नशे के चलते ऐसा करना बताया। साथ ही भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिलवाया। इसमें बाद पंचायत ने दोनों युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है। जिसके बाद दोनों युवकों को सुपुर्दगी में छोड़ा गया था।
बिगड़ सकता था माहौल
प्रधान ललित ने बताया कि धार्मिक स्थल पर पथर फेंकने से गांव का माहौल बिगड़ सकता था। गांव के दोनों पक्षों ने मामले की गंभीरता को समझा और गांव हित में सहमत हो गए।
खास बात:
खरखौदा के फफूंडा गांव में बुधवार रात हुई घटना, दो आरोपी पकड़े
सांप्रदायिक तनाव, पंचायत ने दोनों आरोपियों को चेतावनी देकर छोड़ा