- लोगों में अफरातफरी मची, लोग घरों से सड़क पर आए
- धार्मिक स्थल और आसपास के लोगों ने घर खाली किए
- गनीमत रही है कि सारे सिलिंडरों में नहीं लग पायी आग
मेरठ। दोपहर के 12:20 बजे थे। रोजाना की तरह घंटाघर व आसपास के इलाके में चहलपहल थी। घंटाघर से सटे और जिला अस्पताल के सामने बनबटान मोहल्ले में गैस रिफलिंग करते भीषण आग लग गई। दोपहर तपती धूप में भीषण आग में धमाकों के साथ सिलिंडर फटने से घंटाघर इलाका दहल गया। जिला अस्पताल में मरीज और तीमारदारों ने भी खलबली मच गई। गनीमत रही कि सारे सिलिंडरों में आग नहीं लगी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। क्योंकि बताया जाता कि कमरे में करीब 100 सिलिंडर थे।
फायर कर्मी भी थे खौफ में
बनबटान मोहल्ले में घनी आबादी के बीच गैस रिफलिंग का धंधा चल रहा था। दूसरी मंजिल पर गैस रिफलिंग का धंधा चल रहा था। बताया गया कि जिस कमरे में आग लगी थी, वहां करीब 100 सिलिंडर रखे थे। जिसमें घरेलू के अलावा कॉमर्शियल सिलिंडर की भी संख्या ज्यादा थी। फायरब्रिगेड के कर्मचारी भी आग को बुझाने में डर रहे थे। उनका कहना था कि सिलिंडर फटने के बाद आग का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
बड़ा हादसा बच गया
पुलिस ने बताया कि जिला अस्पताल के सामने बनबटान मोहल्ले में जिस जगह आग लगी, वहां पास ही एक धार्मिक स्थल है। जिसमें करीब 70-80 लोग उस समय मौजूद थे। आग की लपटें और सिलिंडर के धमाके होने से दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से भागने लगे। धार्मिक स्थल पर आए लोग भी वहां से भागे। आग काबू होने के बाद लोग बोले कि बड़ा हादसा होने से बचा है।
झुलसे लोगों को बचाओ
धमाकों के साथ आग लगी थी। इसके बावजूद लोगों ने धैर्य का परिचय दिया। लोगों ने कहा कि आग में एक दुकानदार समेत तीन लोग झुलसे हैं। पुलिस पहले उनको बचाए। आग बुझाने में स्थानीय लोगों ने भी पुलिस व फायरब्रिगेड की मदद की। आग पर काबू पाने के दौरान एक फायर कर्मी के भी मामूली चोट लग गई। हालांकि आग फैलने से पूर्व फायरब्रिगेड ने उसको कंट्रोल कर लिया। लोगों को डर था कि आग दूसरों के घरों तक पहुंच सकती है।
मुकदमा दर्ज कराएंगे
एआरओ को जांच के आदेश दे दिए हैं। इस तरह गैस रिफलिंग का अवैध कारोबार करना जुर्म है। दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। -विकास गौतम, जिला पूर्ति अधिकारी