गोलीकांड में नामजद आरोपी को भी लगी गोली, हालत गंभीर
मोदीनगर। कोतवाली क्षेत्र में बुधवार शाम को तिबड़ा रोड पर गोली बरसाकर हुई युवक की हत्या के मामले में नामजद एक आरोपी को भी गोली लगने का मामला सामने आया है। युवक के परिजनों द्वारा नामजद 5 आरोपियों में एक युवक को भी गोली लगने के चलते गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल युवक की तरफ से कोई तहरीर नहीं आई है। हत्याकांड के तार शराब माफिया से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र में तिबड़ा रोड पर तिबड़ा गांव निवासी दीपेंद्र उर्फ दिप्पन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान मृतक का दोस्त प्रथम भी गोली लगने के चलते घायल हो गया था। जिसको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दीपेंद्र की हत्या के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था। देर रात दीपेंद्र के परिजनों द्वारा अक्षय, अंकित, भानू, सनी व मोती के खिलाफ हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिनमें सनी व अक्षय भाई बताए जा रहे हैं। थानाप्रभारी संजीव कुमार शर्मा ने बताया किया देर रात साहनी गेट थाने की पुलिस की ओर से जानकारी मिली कि अक्षय नाम के युवक को दो गोली लगने के चलते यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल अक्षय की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। पुलिस के अनुसार अक्षय के साथियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।
मामले में आया पेंच, क्रॉस फायरिग की संभावना
हत्यारोपी अक्षय के गोली लगने के चलते अस्पताल में भर्ती होने के बाद मामले में नया पेंच आ गया है। संभावना जताई जा रही है कि गोलीकांड के दौरान दोनों ओर से क्रॉसफायरिंग हुई हो। थानाप्रभारी संजीव कुमार शर्मा के अनुसार हालांकि अभी तक घायल युवक के परिजनों की ओर की किसी भी प्रकार की तहरीर नहीं दी गई है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि घायल को कहां और किन हालत में गोली लगी। लेकिन गोलीकांड के दौरान क्रासफायरिंग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
शराब माफिया से जुड़ रहे तार, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
जैसा कि ज्ञात हुआ है कि पूरा विवाद तिबड़ा रोड पर खुले शराब के ठेके को लेकर शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार तिबड़ा पर पूर्व में एक शराब का ठेका था, जिसके स्थानीय स्तर पर सक्रिय शराब माफिया से संबंध हैं। पूर्व में मृतक दिप्पन भी इसी ग्रुप से जुड़ा हुआ था। लेकिन जब बाद में एक अन्य व्यक्ति ने उसी क्षेत्र में नया ठेका खोला तो बेहतर संभावना को देखते हुए दिप्पन उसके साथ जुड़ गया। पूर्व ठेका संचालक नए ठेके का विरोध कर रहे थे और दिप्पन अपने साथियों के साथ नए ठेके का समर्थन कर रहा था। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई झगड़ा हुए था। मगर हर बार समझौता करा दिया जाता था। स्थानीय लोगों की मानें तो यदि पुलिस ने मामले की गंभीरता को लेते हुए समय रहते कार्रवाई की होती तो यह घटना टल सकती थी। स्थानीय शराब माफिया की पहुंच का अनुमान इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि ड्रायडे होने के बाद भी उक्त ठेके पर शराब बिकती देखी गई थी। इस संबंध सीओ केपी मिश्रा का कहना है कि मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की तलाश के पुलिस ने तीन टीमें गठित की है। आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।