मेरठ। मेनका सिनेमा प्रकरण की जांच में पुरुषोत्तम चौबे के नाम का शपथपत्र फर्जी बताया गया है। पुलिस का दावा है कि लोन के दौरान लगाए शपथपत्र की जांच बैंक अधिकारियों ने कराई है। जिसमें फर्जी दस्तावेज तैयार करने बताए हैं। पुलिस की जांच में निगम के एक अधिकारी की भूमिका सामने आ रही है।
इस प्रकरण में निगम ने देहली गेट थाने में पुरुषोत्तम चौबे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। एसओ देहली गेट विजय कुमार के अनुसार इस पूरे खेल की प्लानिंग निगम के एक अधिकारी ने रची है। चौबे से उनकी फोन पर बात हुई। चौबे ने बृहस्पतिवार को मेरठ आने की बात कही है। बैंक की जांच में खुलासा हुआ कि पुरुषोत्तम चौबे के हस्ताक्षर और शपथपत्र लोन में भी फर्जी लगाए गए हैं।
एक दुकान पर नहीं लगी सील
मेनका सिनेमा की बिल्डिंग में एक कपड़े की दुकान खुल हुई है। एमडीए को यह दुकान नजर नहीं आई। मेनका पर सील लगा दी। लेकिन दुकान को भूल गई। लोगों का कहना है कि सेटिंग के चलते दुकान पर जानबूझकर सील नहीं लगी। दुकान मेनका की बिल्डिंग में चल रही है। इसको लेकर कई चर्चाएं हैं। सवाल है कि आखिर इस दुकान पर एमडीए ने सील क्यों नहीं लगाई। दुकान से किराया कौन वसूल रहा है।
चौबे से खुलेगी कई पोल
अमर उजाला को फोन पर पुरुषोत्तम चौबे ने मेनका सिनेमा के मामले में नगर निगम, नासिर समेत दर्जनों लोगों के नाम बताए हैं, जिन्होंने ध्वस्तीकरण करके कांपलेक्स बनाने की प्लानिंग की थी। निगम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात भी कही। उन्होेंने कहा कि मंगलवार को वह किसी कारणवश नहीं आ सके। बृहस्पतिवार को वह मेरठ में सारे कागजों को लेकर आएंगे।