दरोगा बोला, फरार आरोपी दे रहा धमकी
मेरठ। शास्त्रीनगर में एक मार्च को हुई दरोगा की पत्नी सुमन की हत्या के मामले में शुक्रवार को पीड़ित परिवार पुलिस अफसरों से मिला। पीड़ितों ने फरार आरोपी पर धमकी देने का आरोप लगाया। साथ ही नामजद तीन आरोपियों को थाने से छोड़ने की बात कही। पीड़ित दरोगा ने कहा कि पत्नी की हत्या शराब के पैसों के लिए नहीं बल्कि दहेज हत्या के मामले में गवाही को लेकर की गई है।
अलीगढ़ के पिसावा क्षेत्र के धर्मपुर निवासी बृजपाल सिंह 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ में दरोगा हैं। दरोगा का परिवार नौचंदी क्षेत्र के शास्त्रीनगर स्थित के ब्लॉक में रहता है। एक मार्च को कुख्यात अर्जुन राणा ने शराब के लिए पांच सौ रुपये मांगे। विरोध करने पर दरोगा के बेटे कविंद्र को गोली मार दी। बेटे को बचाने में आई मां सुमन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अर्जुन के चचेरे भाई नामजद आरोपी शक्ति को जेल भेज दिया। वहीं 25 हजार के इनामी अर्जुन को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
गवाही से रोकने के लिए की गई हत्या
दरोगा बृजपाल सिंह अपने घायल बेटे कविंद्र और छोटे बेटे निशांत व अन्य लोगों को लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचे। एसएसपी के नहीं मिलने पर पीड़ित परिजन एसपी देहात से मिले। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी शिवा राणा लगातार धमकी दे रहा है कि समझौता नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। पड़ोस के लोगों को भी धमकी दी है। पुलिस ने नामजद आरोपी प्रताप, जितेंद्र और ओमपाल को थाने से छोड़ दिया। पीड़ित दरोगा ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बहन सविता की दहेज को लेकर हत्या हुई थी, जिसमें पति, सास और ससुर जेल गए थे। सविता की हत्या में भाई बृजपाल, पत्नी सुमन और बेटा कविंद्र चश्मदीद गवाह हैं। केस ट्रायल पर है और जल्द उनकी गवाही होनी है। गवाही से पहले सुमन की हत्या कर दी गई। दरोगा का आरोप है कि गवाही रोकने के लिए ही हत्या की गई है, पुलिस मामले को गुमराह कर रही है। एसपी देहात राजेश कुमार ने पीड़ितों को एसपी सिटी के पास भेज दिया। वहीं एसपी सिटी मान सिंह चौहान का कहना है कि पूरे मामले में खुद उच्च अधिकारी जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा वो जेल जाएगा। फरार शिवा की तलाश में दबिश दी जा रही है।