फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। खैरनगर में रविवार को हर्ष फायरिंग में बालक फिरोज की हुई हत्या के आरोपियों की धरपकड़ को पुलिस की तीन टीमों ने कई जगह दबिश दी। लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए।
विज्ञापन

एसएसपी मंजिल सैनी ने एसओ देहली गेट को हर हाल में आरोपियों की गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए हैं। फिरोज के पिता अलाउद्दीन की तहरीर पर दूल्हे फैसल के मामा शकील और पठान, मौसा जग्गू और बहनोई नदीम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसओ देहली गेट विजय गुप्ता ने बताया कि चारों आरोपी घरों से फरार हैं। उनके स्थानीय ठिकानों, रिश्तेदारों के यहां पुलिस ने रात भर दबिश दी। लेकिन ये नहीं मिले।
पुलिस ने उनके नजदीकी रिश्तेदारों की जानकारी जुटाकर खतौली और दिल्ली में भी दबिश डाली। लेकिन ये लोग वहां भी नहीं मिले। बकौल एसओ जग्गू नाम का आरोपी जयपुर में पत्थरों का काम करता है। पता चला है कि घटना के बाद वह जयपुर भाग गया है। उसकी तलाश में एक टीम को जयपुर भी भेजा गया है। एसओ ने बताया कि अभी तक की पड़ताल में पता चला कि फिरोज को 315 बोर के तमंचे की गोली लगी थी।
विज्ञापन

पुलिस के पहरे में शव सुपुर्द-ए-खाक
पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर रात फिरोज का शव परिजनों को सौंपा गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिजनों और रिश्तेदारों ने देर रात ही शव सपुर्द-ए-खाक कर दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
मोहल्ले में पुलिस बल तैनात
इस घटना के पीड़ित और आरोपियों का मकान एक ही गली में कुछ दूरी पर है। तनाव को देखते हुए मोहल्ले में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, पुलिस ने हिरासत में लिए गए वीडियोग्राफर को सोमवार को छोड़ दिया। एसओ के अनुसार वीडियोग्राफर ने घुड़चड़ी की वीडियो बनाई थी। लेकिन घटना के वक्त कोई वीडियो नहीं बनाई थी। उससे वीडियो की सीडी बनाकर देने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें