मेरठ। परिवार परामर्श केंद्र में 78 मामलों में हुई लंबी काउंसिलिंग के बाद 18 परिवार फिर से एक हो गए। 15 मामले कोर्ट को भेजे गए और पांच मामलों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। 40 मामलों में कोई निर्णय नहीं हुआ।
काउंसिलिंग में यह आया सामने
दौराला के एक दंपति के बीच मनमुटाव का कारण साली और देवर द्वारा दंपति के निजी मामलों में हस्तक्षेप करना था। जबकि कंकरखेड़ा की एक महिला को अपने पति के कहीं ओर संबंधों का शक था। शहर की एक महिला की शिकायत थी कि गुड़गांव में काम कर रहा पति उसे खर्चा नहीं देता है और वह सास-ससुर पर निर्भर रहती है। वहीं, दौराला के ही एक दंपति में प्रेम विवाह के दो साल बाद से ही छोटी-छोटी बातों को लेकर हुई गलतफहमी के कारण अनबन चल रही थी। पुलिसकर्मियों द्वारा काउंसिलिंग कराने के बाद इन दंपतियों के बीच गलतफहमी दूर हुईं और परिवार फिर से एक हो गए।
- परिवार परामर्श केंद्र में 78 मामलों में काउंसिलिंग, 15 मामले कोर्ट गए