मेेरठ। सोहरका दोहरे हत्याकांड में आरोपी विकास जाट को मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा एनकाउंटर में ढेर करने पर एसएसपी ने मेरठ क्राइम ब्रांच को भंग कर दिया था। नए दरोगा को क्राइम ब्रांच की कमान सौंपी थी। एक माह में नई क्राइम ब्रांच धड़ाम हो गई व एसएसपी ने फिर से पुरानी टीम के हाथों में कमान दे दी। दरोगा जयवीर सिंह को क्राइम ब्रांच प्रभारी बनाया गया है।
24 जनवरी को परतापुर के सोहरका गांव में भोलू व उसकी मां निछत्तर कौर की हत्या हुई थी। मुख्य आरोपी मांगे दिल्ली जाकर सरेंडर हो गया था। वहीं दूसरे आरोपी विकास जाट को मुजफ्फरनगर की पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। जिसमें मेरठ पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। डीजीपी ओपी सिंह ने फटकार लगाई तो एसएसपी ने क्राइम ब्रांच भंग कर दी थी। दरोगा अरविंद कुमार को क्राइम ब्रांच का प्रभारी बनाया गया था।
दरोगा अरविंद ने नई टीम बनाई थी। एक माह में यह टीम फेल साबित हो गई। एक सप्ताह से प्रभारी अरविंद गैर हाजिर हैं। जिसके बाद एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने फिर क्राइम ब्रांच में भारी फेरबदल किया। एसएसपी ने प्रभारी अरविंद कुमार समेत नौ पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में भेज दिया। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दरोगा जयवीर सिंह, सिपाही विपिन भाटी व उनकी टीम को फिर से क्राइम ब्रांच में लगाया गया है।