मेरठ। फलावदा के सनौता गांव में बृहस्पतिवार शाम अलग-अलग समुदाय के दो परिवारों में खूनी संघर्ष हो गया। दोनों तरफ से मारपीट, पथराव व फायरिंग हो गई। जिसमें दूसरे समुदाय के दो सगे भाइयों की गोली लगने से मौत हो गई। मौके पर एसएसपी, एसपी देहात समेत कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। सांप्रदायिक तनाव की स्थिति देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है।
एसपी देहात राजेश कुमार के मुताबिक सनौता गांव में दलित और मुस्लिमों की मिश्रित आबादी हैं। धर्मवीर व पप्पू समेत कई लोगों के घरों के बाहर बुग्गी खड़ी होती हैं। जिसका दूसरे समुदाय के लोग ऐतराज करते हैं। बुग्गी खड़ी होनी बंद नहीं हुई तो दूसरे समुदाय ने भी अपने घर के बाहर कार खड़ी करनी शुरू कर दी। जिसे लेकर विवाद बढ़ने गया।
बृहस्पतिवार शाम सात बजे घर के सामने रास्ते में कार खड़ी करने पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। इस दौरान धर्मवीर और हाजी निसार पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। आरोप है कि दलित पक्ष के लोगों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। जिसमें निसार के बेटे दिलशाद (24) व मनसाद (20) को गोली लगी। दोनों तरफ से गोलियां चलते ही ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। परिवार के लोग दोनों घायलों को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आरोपियों के घर पर हमले की कोशिश
दोनों सगे भाइयों की मौत पर सनौता और आसपास के गांवों में तनाव की स्थिति बन गई। आरोपियों के घर पर हमले की कोशिश की गई। गनीमत रही कि पुलिस ऐन वक्त पर मौके पर पहुंच गई। एसएसपी मंजिल सैनी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने दोनों समुदाय के लोगों से शांति बनाने की अपील की।
खास बात
- घर के सामने कार खड़ी करने पर दलित और दूसरे समुदाय के बीच चल रहा था विवाद
- दोनों समुदाय के दो परिवार आमने-सामने आए, पथराव, फायरिंग से मची भगदड़, सांप्रदायिक तनाव