अब देहात में बनने लगा ‘सोतीगंज’
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
शहर का सोतीगंज वाहनों का कमेला माना जाता है। एनसीआर क्षेत्र में कहीं भी यदि वाहन चोरी होता है तो पुलिस की पहली नजर सोतीगंज पर होती है। पिछले कुछ समय से लगातार हो रही सख्ती के कारण सोतीगंज में वाहनों का कटान काफी कम हो गया है। ऐसे में यह सक्रिय गैंग अब देहात की तरफ रुख कर गया है। जनपद के कई गांव और कस्बे ऐसे हैं जहां पर धड़ल्ले से चोरी करके लाई गईं गाड़ियों को काटा जा रहा है।
बुधवार को परीक्षितगढ़ के मोहल्ला खजूरी दरवाजा स्थित एक संकीर्ण गली के बीच खाली प्लॉट में चोरी करके लाई गई कार को काटा जा रहा था। मोहल्ले के ही कुछ युवकों को सवेरे ही जब प्लॉट में हथौड़ा आदि चलने की आवाज आनी शुरू हुई तो उन्हें शक हुआ। युवकों ने देखा कि एक ही नंबर प्लेट की दो होंडा सिटी गाड़ी (गोल्डन कलर) की खड़ी हैं। दोनों ही गाड़ियों पर डीएल 2सी एके-4544 नंबर प्लेट लगी थी। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने एक नई गाड़ी से पुरानी गाड़ी में पार्ट्स आदि बदलते हुए मौके से दो लोगों को पकड़ लिया, जबकि एक फरार हो गया है।
ये है पूरा खेल
वाहन चोरी का यह खेल दो तरीके से होता है। ग्राहक अपनी पुरानी गाड़ी को नई कराने के लिए मिस्त्रियों से संपर्क करते हैं। इनके माध्यम से वाहन चोर ग्राहक की पुरानी गाड़ी का फोटो खींचने के साथ उसकी गाड़ी के कागज अपने पास रख लेते हैं। फिर उस जैसी नयी गाड़ी की तलाश में लग जाते हैं। इसके बाद गाड़ी चोरी कर तुरंत उसकी नंबर प्लेट बदल दी जाती है, और गाड़ी को बेखौफ पुलिस की नजरों के सामने से अपने ठिकाने पर ले आते हैं। जहां पर ग्राहक की पुरानी गाड़ी मंगाकर उसे नई कर दिया जाता है और चोरी की गाड़ी के बचे हुए पार्ट्स को सोती गंज या मिस्त्रियों के पास बेच दिया जाता है। इस खेल में वाहन चोरों को 10 से 50 हजार तक की आय हो जाती है।
दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों में ज्यादा खेल
कुछ दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को वाहन चोर खरीद लेते हैं। इसके बाद इनके कागजों के बूते ये लोग नई गाड़ी की तलाश में लग जाते हैं और नई गाड़ी चुराकर खरीदी गई दुर्घटनाग्रस्त कार को नई करके बेच दिया जाता है। इसमें इन वाहन चोरों को लाखों रुपये की कमाई हो जाती है।
देहात में कई जगह चल रहा है धंधा
सोतीगंज में सख्ती के बाद वाहन चोरों ने मवाना, किठौर, परीक्षितगढ़, सरधना, दौराला, लावड़ क्षेत्र के साथ ही कई गांवों और जंगलों के बीच बनाये गये अहातों को वाहन कटान का केंद्र बना लिया है। जहां पर ये बेखौफ पुरानी और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को नई कर बेचने का काम कर रहे हैं।
पहले भी पकड़ा जा चुका है खेल
परीक्षितगढ़ में करीब छह साल पहले खजूरी दरवाजा मोहल्ला में ही ढाकपीर के पास एक खाली प्लॉट में चोरी के वाहनाें का कटान होते पकड़ा जा चुका है। बावजूद इसके पुलिस का खुफिया तंत्र देहात में इस तरफ से पूरी तरह फेल है।
खास बातें
परीक्षितगढ़ में एक ही नंबर की दो गाड़ियां कटती हुई पकड़ी गईं
मोहल्ले के युवकों ने ही शक होेने पर दी पुलिस को सूचना