पीपीके पहुंचे दोनों पक्ष, सुनवाई के बाद आपस में उलझे
मेरठ। एक महिला ने धोखे से नेत्रहीन से शादी करने का आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की। मामले में दोनों पक्षों को परिवार परामर्श केंद्र बुलाया गया तो सुनवाई के बाद दोनों आपस में उलझ गए।
भदौड़ा गांव निवासी आरती की शादी मई माह में दिल्ली के शिवा से हुई थी। आरती के परिजनों का आरोप है कि उनके एक नजदीकी रिश्तेदार ने यह रिश्ता कराया था। भरोसा होने के चलते उन्होंने ज्यादा छानबीन नहीं की। शादी के दिन जब शिवा से आरती को जयमाला पहनाने को कहा तो उसने किसी ओर की तरफ हाथ बढ़ाए। उन्हें शक हुआ कि वह नेत्रहीन है। लेकिन दूल्हे के परिजनों ने कह दिया कि उसकी आंख में एलर्जी है। दवा डाली है, कुछ दिन में ठीक हो जाएगा। उन्होंने भरोसा कर लिया था। शादी के कुछ दिन बाद तक लड़के वाले यही बहाना करते रहे। लेकिन पांच दिन बाद जब उन्हें सच्चाई पता चली तो आरती मायके आ गई। वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहती। वहीं, दूसरे पक्ष का दावा है कि लड़की के परिजनों को शादी से पहले ही शिवा के नेत्रहीन होने की बात बता दी थी। उनकी रजामंदी से ही शादी हुई थी। पीपीके प्रभारी रेणु सक्सेना ने बताया कि दोनों पक्षों को अगली तारीख पर बुलाया गया है।
जेठ पर जुल्म के आरोप
मेरठ। लिसाड़ी गेट निवासी एक युवती ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर बताया कि उसकी शादी उसके सौतेले भाई ने शामली में की थी। आरोप है कि उसका एक जेठ उस पर गलत नजर रखता है। उसके साथ गलत काम करने की भी कोशिश की। लेकिन वह परिवार की इज्जत की वजह से चुप रही। जब उसने विरोध किया तो जेठ ने कहा कि उसने उसे खरीदा है। वह जैसा चाहेंगे वैसा करना होगा। अब वह डरकर अपनी एक मित्र के यहां मेरठ में रहती है। एसएसपी ऑफिस ने मामला परिवार परामर्श केंद्र भेजा है।