पुलिस लाइन में यूपी पुलिस सिपाही भर्ती में चल रहा मेडिकल टेस्ट
जिला अस्पताल के डॉक्टर ने पास करने के लिए अभ्यर्थी को दिया मोबाइल नंबर
डॉक्टर के कहने पर दलाल ने 15 हजार रुपये में लिया ठेका
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती में सेंधमारी की कोशिश की गई। पुलिस लाइन में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए मेडिकल पैनल में शामिल एक डॉक्टर ने अभ्यर्थी को मोबाइल नंबर लिखकर दे दिया। जिसके बाद पीडब्लूडी के कर्मचारी ने दलाल बताकर फोन किया और अभ्यर्थी से 15 हजार रुपये पेट्रोल पंप पर लेकर आने को कहा। क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस लाइन में सिपाही भर्ती 2018 के लिए 13 अप्रैल से मेडिकल टेस्ट चल रहे हैं। मेरठ के 1098 अभ्यर्थियों का मेडिकल होना है। पैनल में सात डॉक्टर हैं। यहां हरियाणा के 41 और दिल्ली के 9 अभ्यर्थी मेडिकल टेस्ट के लिए आने हैं। 18 अप्रैल तक मेडिकल टेस्ट चलेगा। जिला अस्पताल और पुलिस के डॉक्टर पैनल में हैं। वहीं सोमवार से एसआई भर्ती के लिए भी मेडिकल टेस्ट शुरू हुआ था, जहां सात डॉक्टरों का दूसरा पैनल है।
सिपाही भर्ती के अभ्यर्थी लवी निवासी परतापुर क्षेत्र जब मेडिकल टेस्ट के लिए पहुंचा तो एक डॉक्टर ने कहा कि वह मेडिकल में फिट नहीं है और सीना भी कम है। यदि पास होना है तो अपना मोबाइल नंबर पर्ची पर लिखकर दे दे। जिसके बाद अभ्यर्थी ने नंबर दे दिया। डॉक्टर ने यह भी कहा कि आधा घंटे में कॉल आ जाएगी। जिसके बाद करीब एक घंटे में अभ्यर्थी के मोबाइल पर दलाल की कॉल आई। आरोपी दलाल ने कहा कि यदि मेडिकल में पास होना है तो 15 हजार रुपये लेेकर साकेत में पेट्रोल पंप पर आ जाना। जिसके बाद अभ्यर्थी ने पुलिस अफसरों को सूचना दी। सादा कपड़ों में पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने घेराबंदी कर दी। दलाल ने पेट्रोल पंप पर अभ्यर्थी से कहा कि वह यहां खड़ा है। इसी बीच पुलिस ने दलाल को पकड़ लिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि दलाल ओंकार पुत्र भागीरथ निवासी नई तहसील मेरठ है। जिसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। आरोपी दलाल पीडब्लूडी में कर्मचारी है। आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डॉक्टर से भी की पूछताछ
दलाल ओंकार के पकड़े जाने के बाद मामला पुलिस अफसरों तक भी पहुंच गया। नापतौल करने में एक महिला डॉक्टर और एक अन्य डॉक्टर हैं। अभ्यर्थी के पास पैसे नहीं थे और उसे पता था कि मेडिकल में वह फेल नहीं हो सकता। जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। रात में पूछताछ के बाद दलाल ने डॉक्टर का नाम भी बता दिया। जिसके बाद पुलिस डॉक्टर से पूछताछ करने पहुंची। यह मामला सीएमओ तक भी पहुंच गया।
डॉक्टर पर हो सकती है कार्रवाई
भर्ती बोर्ड के नोडल अधिकारी संजीव वाजपेयी का कहना है कि कॉल डिटेल पर जांच की जा रही है। एक डॉक्टर की भूमिका पर संदेह है। जिस डॉक्टर ने अभ्यर्थी से फेल करने की बात कही थी, बुधवार को अभ्यर्थी से पहचान कराई जाएगी। जिसके बाद डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष चल रही है। पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों के मोबाइल भी जमा करा लिए थे।
खुफिया विभाग था अलर्ट
अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रकाशित किया था कि दलाल मेडिकल में सेंधमारी की कोशिश कर रहे हैं। जिसकी जानकारी एसपी ट्रैफिक और एसएसपी को भी मिली। जिसके बाद अलग से पुलिस टीम लगाई गई थी।