कंकरखेड़ा बाईपास पर एएसपी सतपाल सिंह ने क्राइम ब्रांच के साथ की छापेमारी
पुलिस की जांच में टेलीकॉम कंपनी से जुड़े मिले दो इंजीनियर, नहीं मिला कुछ संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कंकरखेड़ा बाईपास स्थित एक रिसॉर्ट में दो संदिग्ध युवकों के ठहरने का आतंकी इनपुट मिलने से हड़कंप मच गया। यह इनपुट खुफिया विभाग से मिला तो एएसपी सतपाल सिंह ने क्राइम ब्रांच और कई थानों के फोर्स के साथ रिसॉर्ट को घेर लिया। पुलिस ने संदिग्ध बताए दोनों युवकों को से करीब एक घंटा तक पूछताछ की। एएसपी के अनुसार दोनों युवक एक टेलीकॉम कंपनी के इंजीनियर निकले। कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई।
पुलिस के अनुसार खुफिया विभाग द्वारा पुलिस अफसरों को सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक एक कमरे में बुधवार दोपहर से ठहरे हुए हैं। इनकी गतिविधि संदिग्ध हो सकती हैं, जिनके पास एक लग्जरी गाड़ी भी है। इस गाड़ी का नंबर भी पुलिस अधिकारियों को बताया गया था। आतंकी इनपुट पर एएसपी सतपाल सिंह, क्राइम ब्रांच की टीम और कंकरखेड़ा पुलिस के साथ रिसॉर्ट में पहुंचे। पुलिस टीम ने कमरे की तलाशी ली। उसमें ठहरे दो युवकों की आईडी की जांच की, जिसमें दोनों की आईडी सही पाए जाने पर राहत की सांस ली। एएसपी सतपाल सिंह ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवक एक टेलीकॉम कंपनी के इंजीनियर हैं, जो रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। इनमें एक वाराणसी और दूसरा दिल्ली का रहने वाला है। दोनों लग्जरी गाड़ी से टेलीकॉम कंपनी के काम से बुधवार दोपहर को आए थे और किराए पर कमरा लिया था। गाड़ी में भी कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। एएसपी का कहना है कि संदिग्ध होने की सूचना पर ही छापा मारा गया था।
चलता मिला था फर्जी एक्सचेंज
गंगानगर में किराए के मकान में चार साल पहले साइबर सेल ने फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा था। जिसका मुख्य आरोपी अभी तक हत्थे नहीं चढ़ा। बीएसएनएल को भी फर्जी एक्सचेंज से करोड़ों रुपये का चूना लगाने के साथ इंटरनेट कॉलिंग की गई थीं।