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सरधना के जंगल में बन रहे थे अवैध हथियार, दो गिरफ्तार

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मेरठ/सरधना। सरधना क्षेत्र के बपारसी व मुल्हैड़ा गांव के जंगल में अवैध हथियार बनाए जा रहे थे। मंगलवार शाम पुलिस ने घेराबंदी कर दो युवकों को गिरफ्तार कर भारी संख्या में अवैध हथियार बरामद कि ए हैं। वहीं एक युवक पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया। पुलिस का दावा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान ये असलहे ऑन डिमांड बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में सप्लाई किए जाने थे।
एसपी देहात राजेश कुमार और एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलवार शाम को मुखबिर ने सूचना दी कि बपारसी व मुल्हैड़ा के घने जंगल में कुछ युवक अवैध हथियार बना रहे हैं। इसके बाद सीओ सरधना संतोष सिंह और एसओ सरधना ने फोर्स के साथ घेराबंदी की और दो युवकों को दबोच लिया। एसपी देहात ने बताया कि पकड़े गये आरोपी जामिन पुत्र अजीज निवासी पिठलोकर थाना सरधना और कासिम पुत्र एजाज निवासी जहानपुर थाना कैराना जिला शामली हैं। वहीं खालिद निवासी पिठलोकर भाग निकला। पकड़े गए दोनों युवकों के पास से 315 बोर की दो देसी राइफल, 12 बोर की एक देसी बंदूक और दो तमंचे बरामद किए हैं। इसके अलावा भारी संख्या में अधबने हथियार, बैरल, ट्रैगर, स्प्रिंग समेत अन्य सामान मिला है।
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जामिन और कासिम ने बताया कि फरार खालिद ही गिरोह का सरगना है। खालिद के कहने पर ही वह पिछले एक साल से अलग-अलग स्थानों पर अवैध हथियार बनाते थे। पकड़े गये युवकों पर अलग-अलग थानों में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। एसपी देहात ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये ने पुरस्कार देने की घोषणा की है।

बरामद सामान से बनते 100 असलहे
पुलिस ने कटी हुई बैरल, ट्रैगर, रिपट, स्प्रिंग, बरमे, खराद मशीन, पेंच, फायर पिन, किल्प और अन्य सामान बरामद किया है। कासिम ने बताया कि यह इतना सामान था कि इनसे करीब 80 से 100 अवैध असलहे बन जाते। तीन माह पहले इस गिरोह ने सरधना में भी किराए के मकान में अवैध हथियार बनाए थे। लेकिन बाद में पुलिस का डर देखकर जंगल में काम शुरू किया था।

एंबुलेंस में करते थे तस्करी
कैराना के जहानपुर गांव निवासी कासिम ने बताया कि दो हजार से 2500 रुपये में तमंचा, पांच हजार से सात हजार में बंदूक और दस हजार रुपये में राइफल तैयार कर बेची जाती थी। पूर्व में एजाज कैराना में भी पकड़ा गया था। अवैध हथियारों को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस का भी सहारा लिया। एंबुलेंस में एक युवक या महिला को कपड़ा ओढ़कर लिटा देते थे। जबकि सीट के नीचे हथियार रखते थे।

एक माह में 50 से 100 असलहे सप्लाई
आरोपी युवकों ने बताया कि खालिद बताता था कि ऑन डिमांड हथियार मांगे जा रहे हैं। बिजनौर, बुलंदशहर और आसपास के जिलों से भी फोन पर अवैध हथियार तैयार कराए जाते थे। दोनों युवकों ने बताया कि एक माह में करीब 50 से सौ अवैध असलहे बनाकर वह सप्लाई करते थे।
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चुनाव में सप्लाई करने थे
सोमवार को इंचौली पुलिस ने 500 देसी कारतूसों के साथ इलियास निवासी मुरादाबाद को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पुलिस अफसरों को पता चला कि वेस्ट यूपी में 315 बोर के अवैध कारतूस भी बनाए जा रहे हैं। कारतूसों और अवैध हथियारों के लिए एएसपी सतपाल सिंह अलग से जांच कर रहे हैं। जिसमें क्राइम ब्रांच और एसटीएफ भी लगी है। पुलिस के अनुसार दोनों ही घटनाओं में 2019 के चुनाव में कारतूस और अवैध हथियार सप्लाई करने की बात सामने आई है।
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