मेरठ। सोहरका दोहरे हत्याकांड के बाद हत्या के अलग-अलग केसों में पांच गवाह सुरक्षा मांगने बृहस्पतिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे।
फलावदा के सनौता गांव में 14 सितंबर 2017 को मंशाद व दिलशाद, जागृति विहार में रिटायर इंस्पेक्टर की हत्या, तेजगढ़ी चौराहे पर छात्रनेता प्रशांत चौधरी की हत्या समेत पांच हत्याओं के मामले में इन चश्मदीद गवाहों का कहना है कि उनका केस ट्रायल पर आ गया है। आरोपी पक्ष समझौता न करने पर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। सोहरका में गवाह मां-बेटा और सरूरपुर के हसनपुर रजापुर में गवाह सावित्री हत्याकांड से डर है कि उनके साथ भी ऐसी घटना हो सकती है। हालांकि पुलिस अधिकारियोें का कहना है कि जिले में हत्या के 1275 मामलों में जरूरतमंद गवाहों को सुरक्षा दी है। करीब 200 पुलिसकर्मी सिर्फ हत्या के गवाहों की सुरक्षा में लगे हैं।
मुझे पुलिस से खतरा
मुरादनगर निवासी सतेंद्र एसपी क्राइम शिवराम यादव से मिला। आरोप लगाया कि सन 2002 में पुलिस ने एनकाउंटर बताकर उसके छोटे भाई संजय की हत्या की थी। पुलिस मामले में एफआर लगा चुकी थी, जिसके बाद कोर्ट ने उसे वापस कराया। यह मामला सीबीसीआईडी में चल रहा है। सतेंद्र ने बताया कि वह इस मामले में गवाह है और पुलिस मुल्जिम है। कई दिनों से सतेंद्र अपने मामा सतपाल सिंह के घर साबुन गोदाम टीपीनगर में रह रहा है। जहां पर आरोपी पुलिस वाले उसे धमकी दे रहे हैं। एसपी क्राइम ने टीपीनगर थाने में धमकी का केस दर्ज कराया और तुरंत एक सिपाही सतेंद्र की सुरक्षा में लगाया। सतेंद्र के मामा सतपाल कांस्टेबल हैं, जो इस मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं। सतपाल पर हमला भी हो चुका है।
- हत्या के अलग-अलग केसों में पांच गवाह एसएसपी ऑफिस पहुंचे