गाजियाबाद से लूटा मिश्री से भरा कैं टर मेरठ में बरामद
गाजियाबाद/मेरठ।
गाजियाबाद से शनिवार रात बदमाशों द्वारा लूटा गया मिश्री से भरा कैंटर रविवार सुबह लिसाड़ीगेट से बरामद कर लिया गया। ट्रक में जीपीएस लगा था, जिससे ट्रक की लोकेशन पुलिस को मिलती रही। मौके से पुलिस ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
कैंटर चालक संजीव निवासी सीलमपुर, दिल्ली ने बताया कि शनिवार रात वह कैंटर में 300 बोरे मिश्री (50 किलो का एक बोरा) भरकर मोदीनगर शुगर मिल से चला था। मिश्री से भरे कैंटर को खारी बावरी बालाजी ट्रेडर्स नई दिल्ली पहुंचाना था। राजनगर एक्सटेंशन के पास कार सवार बदमाशों ने साइड लगने की बात कहकर कैंटर को रुकवा लिया। इस बीच दो बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की और कार में डाल लिया। उसके बाद बदमाश मिश्री से भरे कैंटर को मेरठ की तरफ लेकर भाग निकले। कुछ बदमाश मिनी ट्रक में भी थे।
बाद में बदमाशों ने चालक संजीव को जंगल में फेंक दिया। चालक ने कैं टर मालिक किशन चंद सेठी को जानकारी दी। कैंटर में जीपीएस लगा था। पुलिस ने जांच की तो उसकी लोकेशन लिसाड़ीगेट क्षेत्र में मिली। इस पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला, एसओ लिसाड़ीगेट मोहम्मद असलम ने लिसाड़ीगेट क्षेत्र में यूपी 100 की पांच गाड़ियों के साथ घेराबंदी कर दी।
समर गार्डन तिराहे पर जैसे ही पुलिस ने कैंटर को रोकने की कोशिश की तो चालक आबिद ने एसओ मोहम्मद असलम पर कैं टर चढ़ाने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर कैंटर को रोक लिया। जांच की तो उसमें मिश्री के बोरे नहीं मिले। पुलिस ने मौके से आरोपी आबिद निवासी शालीमार गार्डन को गिरफ्तार कर लिया। लूट में आबिद का भाई आरिफ और तीन अन्य बदमाश शामिल थे। पुलिस ने बताया कि आबिद ने खुद को सपा कार्यकर्ता बताया है। पुलिस ने आबिद के पिता आमिर को भी हिरासत में ले लिया है। बाद में मोदीनगर, सिहानीगेट और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम भी पहुंच गई। एसओ लिसाड़ीगेट ने बताया कि लूट का मुकदमा सिहानीगेट थाने में दर्ज हुआ है।
घर में रखे थे 118 बोरे
सीओ कोतवाली ने बताया कि आबिद ने कुछ माल अपने घर में रख लिया था। पुलिस ने घर पर छापा मारा तो वहां मिश्री के 118 बोरे मिले। जबकि अन्य बोरे नूरनगर पुलिया के पास गाड़ी में भरकर रख दिए थे। पुलिस ने बोरों से भरी गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है। कैंटर में करीब साढ़े सात लाख रुपये की मिश्री बताई गई थी। आरोपी आबिद ने बताया कि खाली करने के बाद कैंटर को समर गार्डन में एक गोदाम में खड़ा किया जाना था। उसके बाद बाहर का गेट लगा देते।