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ननद की हत्या में गवाह थी दरोगा की पत्नी सुमन

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मेरठ। शास्त्रीनगर में दरोगा की पत्नी सुमन की हत्या के पीछे ‘गुंडा टैक्स’ के अलावा दूसरे बिंदु भी सामने आए हैं। सुमन अपनी ननद की हत्या में चश्मदीद गवाह थी। जिसमें उनको जल्द ही गवाही देनी थी। इसको लेकर ननद के ससुराल वालों से विवाद चल रहा था। दरोगा ने उनको नामजद कराया है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना कि इसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
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हापुड़ रोड स्थित 44 वी वाहिनी पीएसी में तैनात दरोगा बृजपाल सिंह मूल रूप से अलीगढ़ के पिसावा थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुर निवासी है। बृजपाल की छोटी बहन सविता की ससुराल खरखौदा क्षेत्र के जमनानगर में बतायी गई। एक साल पहले सविता की दहेज को लेकर हत्या हुई थी, जिसमें पति, सास और ससुर जेल गए थे। सविता की हत्या में बृजपाल, सुमन और बेटा कवींद्र चश्मदीद गवाह हैं। केस ट्रायल पर है और जल्द उनकी गवाही होनी है।
गवाही से पहले होली की पूर्व संध्या पर सुमन की हत्या कर दी गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार दरोगा ने पत्नी की हत्या के पीछे सविता के ससुराल वालों का हाथ होना बताया है। इसके आधार पर मुख्य आरोपी अर्जुन राणा, शिवा और शक्ति के साथ प्रताप, ओमप्रकाश, जितेंद्र राणा को नामजद किया गया है। नौचंदी पुलिस ने प्रताप, ओमप्रकाश, जितेंद्र और शक्ति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
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धर्मपुर गांव में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद सुमन का शव शुक्रवार को परिजन अलीगढ़ के धर्मपुर गांव ले गए। जहां पर अंतिम संस्कार किया गया। होली के त्यौहार पर परिवार में मातम छाया रहा। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि सविता के सास और ससुर जमानत पर बाहर आ चुके है। जबकि पति अभी जेल में है। समझौता न करने पर दरोगा के परिवार को धमकी मिल रही थी।
500 रुपये न देने पर हुई थी हत्या
होली की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार सरेआम शास्त्रीनगर स्थित के ब्लॉक में घर से कुछ दूरी पर दरोगा बृजपाल की पत्नी सुमन और बेटे कविंद्र पर गोलियां बरसाई गई थी। पुलिस ने बताया कि शराब के लिए 500 रुपये न मिलने पर कुख्यात अर्जुन राणा और उसके चचेरे भाई शिवा ने गोलियां चला दी थीं। जिसमें सुमन की मौत हो गई थी जबकि कविंद्र गंभीर रुप से घायल हो गया था। कविंद्र की हालत में सुधार है।
पीएम रिपोर्ट में उलझी पुलिस
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस उलझी हुई है। इंस्पेक्टर नौचंदी धीरज शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम में सुमन के शरीर से गोली नहीं निकली। एक गोली जैसा निशाना सीने में जरूर है। लेकिन गोली कहां से निकली, यह स्पष्ट नहीं हुआ। पुलिस इसकी भी गंभीरता से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने बताया था कि आरोपी अर्जुन राणा और उसके भाई शिवा ने कई राउंड गोलियां चलाई थीं, जिसमें एक गोली सुमन को लगी थी।
सीओ और एसओ पर गिरी गाज
शास्त्रीनगर में वसूली करने वाले शातिर अर्जुन राणा पर कार्रवाई न करने पर एसएसपी ने के ब्लॉक चौकी इंचार्ज दिनेश मलिक को सस्पेंड किया था। अब इस मामले में एसओ नौचंदी संजय तोमर को लाइन हाजिर कर दिया गया जबकि सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी का सर्किल बदल दिया गया। उनकी जगह जितेंद्र सिंह को सीओ सिविल लाइन और धीरज शुक्ला को नौचंदी थाना प्रभारी बनाया गया है।
अभी पूछताछ चल रही है
एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार दरोगा की पत्नी सुमन अपनी ननद सविता की हत्या में गवाह थी। उसके आधार पर दरोगा ने केस दर्ज कराया है। पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ जारी है। मुख्य आरोपी अर्जुन राणा और शिवा फरार हैं। पकड़े गए आरोपी अभी घटना से इंकार कर रहे है।
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खास बातें:
- चार आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपियों का सुराग नहीं
- ‘गुंडा टैक्स’ के अलावा दूसरे बिंदु पर भी टिकी जांच
- कविंद्र की हालत में सुधार, ऑपरेशन में गोली निकली
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