- तीन दरोगा बने थानेदार, इंस्पेक्टर किठौर हटाए
मेरठ। जांच में फंसे दरोगाओं को एसएसपी ने थानों की कमान दे दी। 2013 बेच के तीन दरोगा थाना चल रहे हैं। वहीं, कई दरोगा अपने अपने आकाओं से सिफारिश लगाकर थानेदारी पाने की जुगत में लगे हैं।
एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने शुक्रवार को फिर थानों में फेरबदल कर दिया। लालकुर्ती में तैनात दरोगा सतेंद्र यादव को एसओ मेडिकल, एसओ मुंडाली राजेंद्र त्यागी को एसओ किठौर और पुलिस लाइन से दरोगा अशोक कुमार को मुंडाली एसओ बनाया हैं। तीनों दरोगाओं के खिलाफ जांच चल रही हैं। सपा सरकार में दरोगा सतेंद्र यादव पर भावनपुर थाने का चार्ज था, उसी दौरान उनके खिलाफ कई शिकायत हुई थी, जिनमें अभी जांच चल रही हैं। एसओ राजेंद्र त्यागी भी भावनपुर में शिकायतों पर हटाए गए थे। मुंडाली में भी वह थाने से ज्यादा बाहर रहते थे। इस मामले में भी उनके खिलाफ जांच बैठी थी। एसओ अशोक कुमार को इंचौली से शिकायतों पर हटाया गया था। इतना होने के बावजूद तीनों दरोगाओं पर एसएसपी ने फिर भरोसा कर उन्हें थानों की कमान सौंप दी। इंस्पेक्टर किठौर किशनपाल सिंह को पुलिस लाइन में भेजा गया।
हर थानेदार की अलग टीम
इंस्पेक्टर सदर बाजार प्रशांत कपिल, एसओ महिला थाने नेहा चौहान, इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट रशीद अली और इंस्पेक्टर सचिन मलिक अपनी अपनी टीम लेकर चलते हैं। जहां जाते हैं अपनी पसंद के दरोगा और सिपाहियों का भी उसी थाने में ट्रांसफर करा लेते हैं। इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल ने कंकरखेड़ा से दरोगा चंदगीराम यादव, सिपाही पुष्पेंद्र शुक्ला समेत चार सिपाहियों का ट्रांसफर कंकरखेड़ा से सदर बाजार कराया हैं। एसओ नेहा चौहान ने लालकुर्ती से दरोगा जयवीर सिंह और तीन सिपाहियों को महिला थाने में बुलाया हैं। इंस्पेक्टर रशीद अली ने भी अपने अपने पसंद के तीन दरोगा और दो सिपाहियों के ट्रांसफर मांगे हैं। इंस्पेक्टर सचिन मलिक ने दरोगा जयवीर सिंह और एक सिपाही का ट्रांसफर कंकरखेड़ा थाने में करा लिया है।
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दरोगाओं को सिफारिश पर नहीं काबलियत पर चार्ज दिया जाता हैं। किसी भी थानेदार की शिकायत आएगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। कई इंस्पेक्टर और दरोगा अंडर ट्रांसफर थे, जिनकी जगह पर चार्ज दिया गया है। जांच में दोषी पाये जाएंगे तो विभागीय कार्रवाई निश्चित है।
मंजिल सैनी दहल, एसएसपी