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गोतस्करों का हमला, पुलिसकर्मी कुचलने की कोशिश

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गोतस्करों का हमला, पुलिसकर्मी कुचलने की कोशिश
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मेरठ/जानी। जिले में बृहस्पतिवार को दो जगह गोतस्करों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। जानी में पुलिस चौकी की दीवार तोड़ दी गई तो टाटा मैजिक वाहन से पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। वहीं, शहर में भूमिया पुल पर गोतस्करों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने सात गोतस्कर दबोच लिए, जबकि 12 फरार हो गए। इस दौरान 10 गोवंश मुक्त कराए गए।
इंस्पेक्टर जानी प्रेमचंद शर्मा के अनुसार बृहस्पतिवार तड़के भोला झाल चौकी के पास चेकिंग के दौरान गोवंश लदे दो वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया। वाहन चालकों ने वाहन दौड़ाते हुए पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की। जिसके चलते पुलिस वाले बाल-बाल बचे। गो तस्कर पुलिस चौकी की दीवार तोड़ते हुए वहां से फरार हो गए। सूचना पर कई थानों की पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को हाईवे के पास पकड़ लिया। मौके से छह आरोपी शाहबाज अंसारी, इमरान अंसारी, इस्लाम, ताहिर, गुलफाम और इरफान सभी निवासी गांव सिसौला कला थाना जानी दबोचे गए जबकि उनके साथी फरमान, यासीन, इरफान, फुरकान, बहादुर, हसमत, मंजूर, फजल और उस्मान फरार हो गए। दोनों वाहनों से आठ गोवंश बरामद किए गए। इंस्पेक्टर के अनुसार आरोपियों पर गोवध निवारण अधिनियम और पुलिस टीम पर जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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ब्रह्मपुरी पुलिस पर फायरिंग, एक दबोचा
ब्रह्मपुरी इंस्पेक्टर सतीश राय के अनुसार बृहस्पतिवार तड़के करीब 4:45 बजे भूमिया पुल से मैजिक वाहन में दो गोवंश को कटान के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया तो गो तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। मौके से गो तस्कर नौशाद निवासी पूर्वा फैयाज अली देहली गेट को दबोचकर दो गोवंश बरामद किए गए। जबकि आरोपी के साथी हाजी तुफैल निवासी मकबरा देहली गेट, मोहसिन निवासी मकबरा रेलवे रोड और अरशद निवासी खत्ता रोड ब्रह्मपुरी फरार हो गए। चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला और गोवध निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
चार हजार के गोवंश से कमाते हैं 30 हजार
मोटे मुनाफे के फेर में पुलिस पर भी वार
मेरठ। गोवंश कटान का कारोबार बहुत मुनाफे का है। कटान में लिप्त तस्कर आसपास के गांवों के कम दुधारू गोवंश पर नजर रखते हैं। गांव में जाकर अपना धर्म गलत बताकर पालने के नाम पर 4-5 हजार में इन्हें खरीदते हैं और कटान के बाद इनसे 20-30 हजार रुपये तक कमाते हैं।
जानी में पकडे़ गए गो तस्करों से पूछताछ के बाद ये खुलासा हुआ है। इंस्पेक्टर जानी प्रेमचंद शर्मा के अनुसार इस अवैध धंधे में लिप्त तस्कर आसपास के गांवों में लोगों के कम दुधारू वाले पशुओं पर नजर रखते हैं। इसके लिए ये लोग गांवाें मेें अपने परिचितों की मदद लेते हैं। जहां भी ये पता चला कि ग्रामीण अपना गोवंश बेचना चाहते हैं, वहीं पर ये पहुंच जाते हैं। अपनी पहचान छिपाकर गऊ सेवा करने, गाय पालने आदि का बहाना कर लोगों को पहले प्रभावित करते हैं, उसके बाद चार-पांच हजार तक में गोवंश को खरीद लेते हैं। खरीद के बाद ये लोग अपने गांव के आसपास के जंगल में ले जाकर इनका कटान करते हैं।
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बकौल इंस्पेक्टर, कटान के बाद ये लोग आसपास के इलाकों में इसे बेच देते हैं और उसकी बिक्री से करीब 20 से 30 हजार रुपये तक इन्हें मिल जाते हैं। यानी एक गोवंश खरीद में आई लागत का पांच गुना तक मुनाफा होता है। इसी मोटे मुनाफे की वजह से ये लोग पुलिस पर हमले से भी पीछे नहीं हटते और हर हथकंडे अपनाते हैं।



खास बातें:
जानी में भोला झाल पर गोस्तकरों ने चौकी की दीवार तोड़ी
ब्रह्मपुरी में भूमिया पुल पर पुलिसकर्मियों पर की गई फायरिंग
07 गोतस्कर गिरफ्तार, 12 फरार, 10 गोवंश मुक्त कराए गए
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