फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं योगेश भदौड़ा ने तो नहीं सौंपी थी कारबाइन

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। कुख्यात योगेश भदौड़ा के दोनों शूटरों हिमांशु और धीरज चौधरी के शवों का पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। पुलिस का कहना कि शूटरों के पास कारबाइन कहां से आई, इसकी अभी जांच चल रही है। अंदेशा जताया जा रहा कि कारबाइन योगेश भदौड़ा ने तो नहीं सौंपी थी।
विज्ञापन

एसटीएफ की मुठभेड़ में इनामी हिमांशु हिमांशु उर्फ नरसी उर्फ टाइगर और धीरज मंगलवार तड़के मारे गए थे। आरोपियों से कारबाइन समेत काफी मात्रा में असलहे और कारतूस बरामद हुए थे। कारबाइन कहां से आई, यह सवाल पुलिस को परेशान कर रहा है। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में नरसी का मोदीनगर और धीरज का शताब्दीनगर मेरठ में अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस ने एनकाउंटर के बाद कुख्यातों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना कि दोनों बदमाश योगेश भदौड़ा के शूटर थे। पांच साल पहले गिरफ्तारी के दौरान योगेश से भी एक कारबाइन बरामद की गई थी। जिसके चलते अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कारबाइन योगेश भदौड़ा ने ही नरसी को दी थी।
एनसीआरबी से लेंगे सहायता
पुलिस के मुताबिक कारबाइन कहां से आई, इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। कारबाइन लाइसेंसी है या सरकारी, इसकी जांच कराने के लिए डीसीआरबी के अलावा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की मदद ली जाएगी। पुलिस अफसरों ने बताया कि कारबाइन के ऊपर जो नंबर थे, वह घिसे हुए हैं। कारबाइन की बारीकी से जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन

लूट के दौरान मारते थे गोली
पुलिस का दावा कि नरसी और उसका गैंग अक्सर लूट के दौरान गोली जरूर मारता था। एनएच-58 पर यह गैंग सबसे ज्यादा एक्टिव था। इस गैंग से हाइवे पर एक दर्जन से अधिक लूट की वारदात करना बताया है। जिसमें लूट के दौरान गोली मारने की दो अलग-अलग घटनाओं में मौत हुई हैं। जबकि अन्य घटनाओं में गोली लगने से पीड़ित घायल हुए हैं।
विज्ञापन



खास बातें:
- कारबाइन की जांच में जुटी पुलिस और क्राइम ब्रांच
- दोनों बदमाश के शवों का कराया गया अंतिम संस्कार
- एसटीएफ ने एनकाउंटर में बदमाशों को किया था ढेर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें