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आधी अधूरी

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आधी अधूरी थीं तैयारियां, सुरक्षा के प्रति रहे लापरवाह
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मेरठ। मतगणना से पहले निर्देश दिए गए थे कि सभी पुलिसकर्मी पूरी तैयारी के साथ ड्यूटी देंगे। लेकिन कताई मिल के बाहर जब पथराव हुआ तो कई पुलिसकर्मियों के पास बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट नहीं थे। पथराव में दो सिपाही घायल हुए। एसएसपी ने आधी अधूरी तैयारियों पर नाराजगी जताते आरआई से भी जवाब तलब किया है।
बसपा महापौर प्रत्याशी को जीत की तरफ बढ़ते देख बसपाइयों का कताई मिल पर तांता लगना शुरू हो गया था। भाजपा प्रत्याशी के साथ सांसद और विधायक कताई मिल से निकले थे तो कुछ बसपा समर्थकों ने उनके सामने हूटिंग करनी शुरू कर दी। बसपा प्रत्याशी संगीता वर्मा जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। नीला रंग तक फेंकने की कोशिश की गई। कुछ समर्थकों ने आपत्तिजनक नारे तक लगाए। हारे पार्षद प्रत्याशियों के समर्थकों पर नीला रंग डालना शुरू कर दिया गया। रोकने पर पुलिस से ही उलझ गए इसके बावजूद भी पुलिस बसपा समर्थकों के मंसूबे को नहीं भांप सकी। जिसका नतीजा यह रहा कि शाम को बसपा समर्थकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी ड्यूटी से नदारद थे। सुबह से शाम तक कई बार टकराव के हालात बने। फोर्स भीड़ के लिहाज से कम थी। पुलिस-प्रशासन के अलावा खुफिया तंत्र भी माहौल भांपने में नाकाम साबित हुआ।
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मामला तूल पकड़ सकता था
एसपी सिटी मानसिंह चौहान का कहना है कि बेकाबू बसपा समर्थकों पर लाठी नहीं फटकारते तो मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता था। पुलिस ने सही समय पर ठीक फैसला लिया। लेकिन किसी को दौड़ाकर पीटना या घर में घुसकर पीटना गलत है। बवालियों को दौड़ाया गया। लेकिन बेकसूरों को छेड़ा तक नहीं। पुलिस अफसरों का कहना है कि आरएएफ ने बेवजह लाठीचार्र्ज कर माहौल को गर्माने का प्रयास किया है। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
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लाठीचार्ज की मुझे जानकारी नहीं
सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया का कहना है कि मेरे सिपाही (गनर) पर कुछ लोगों ने हमला बोला। भीड़ को समझाने पर पुलिस पर पथराव कर दिया गया। पथराव में ही गनर के सिर में गंभीर चोट लगने से 12 टांके आए। कुछ लोग जबरन बैरियर तोड़कर कताई मिल की तरफ जाना चाहते थे। मैंने क ई बार भीड़ को समझाने की कोशिश की। उसके बाद फिर से कुछ लोग पथराव कर रहे थे। मुख्य बैरियर पर मेरी ड्यूटी थी। मैंने भीड़ को बैरियर से आगे नहीं जानेे दिया। लाठीचार्ज की जानकारी मुझे नहीं हैै। घायल सिपाही की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया। उच्च अधिकारियों को पूरा मामला बता दिया गया।
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