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एएनएम को चलती बाइक से धक्का देकर 51 हजार की लूट

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एएनएम को चलती बाइक से धक्का देकर 51 हजार लूटे
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मेरठ। बागपत रोड पर बृहस्पतिवार सरेआम बाइक सवार दो बदमाशों ने बाइक पर जा रही एएनएम से बैग लूट लिया। छीनाझपटी के दौरान बदमाश ने एएनएम को चलती बाइक से धक्का दे दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
गांव खानपुर जानी निवासी रीता स्वास्थ्य विभाग में एएनएम है। मध्याह्न करीब 3:30 बजे वह अपने देवर प्रमोद के साथ टीपी नगर थाने के सामने स्थित बैंक में पहुंची थी। बैंक से 51 हजार रुपये निकालने के बाद बैग में रख लिए थे। वहां से बाइक से गांव लौटते समय डीपीएस के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने रीता के हाथ पर झपट्टा मारा। रीता ने बैग अपनी तरफ खींचा। छीनाझपटी के दौरान बदमाश ने रीता को धक्का दे दिया और बैग लूटकर फरार हो गए।
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बुरी तरह हुई घायल
चलती बाइक से गिरने पर रीता के चेहरे, नाक और शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई। प्रमोद ने उसे बागपत रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसे आईसीयू में रखा गया है।
चौकी के पास वारदात
घटनास्थल मलियाना पुलिस चौकी से मुश्किल से आधा किमी दूर है। एसओ ब्रजेश शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पीड़ित गुहार लगाता रहा, दरोगा जी सोते रहे
शनिवार को मुख्यमंत्री मेरठ आ रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद पुलिस गंभीर नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लूट की वारदात के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। प्रमोद ने बताया कि उसने घटना की सूचना देने के लिए अपने मोबाइल से 100 नंबर पर कॉल की। लेकिन नंबर ही नहीं मिला। वो रीता को लेकर मलियाना पुलिस चौकी पहुंचा। वहां चौकी इंचार्ज के बजाय एक बुजुर्ग पुलिस कर्मी था। जिसने रीता को चौकी के पास ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की सूचना देने जब वह थाना टीपी नगर जा रहा था तो रास्ते में पुलिस की जीप दिखाई दी। जीप में बैठा दरोगा नींद में था। उसने दरोगा को घटना बताई। लेकिन वह नींद से ही नहीं जागा। फिर उसने जीप चालक को घटना बतायी। बाद में मौके पर पहुंचे सीओ ब्रह्मपुरी से भी प्रमोद ने इसकी शिकायत की तो सीओ ने उक्त दरोगा की जमकर क्लास की। वह अपनी सफाई देने लगा।
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यह बोले सीओ
सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया के अनुसार बदमाश बैंक से ही पीछे लगे थे। शुक्रवार को बैंक की फुटेज चेक की जाएगी। पीड़ित प्रमोद ने 100 नंबर न मिलने और जीप में बैठे दरोगा के बारे में बताया। दरोगा से पूछा गया तो उसने बताया कि उसे राज्यपाल की ड्यूटी में जाना था, इसलिए वह दूसरे दरोगा को जिम्मेदारी देकर चला गया था।
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