पीड़ित महिला जिसके खाते में धनराशि आई अपने पति के साथ।
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माधवपुरम निवासी एक महिला ने दावा किया है कि उसके जनधन खाते में अचानक से करीब 100 करोड़ रुपये जमा हो गए। इसकी जानकारी से महिला समेत उसका पूरा परिवार सकते में है। इतनी बड़ी रकम कहां से आई, यह भी नहीं पता चल सका है। महिला के पति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ई-मेल के जरिये सूचना देकर मदद की गुहार लगाई तो मामला प्रकाश में आया।
शीतल सिंह माधवपुरम सेक्टर-1 में किराये के मकान में रहती हैं। उनके पति जिलेदार सिंह यादव परतापुर के गगोल में ट्रांसफार्मर बनाने वाली कनोहर इलेक्ट्रिकल्स में प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव हैं। शीतल का दावा है कि वर्ष-2015 में उन्होंने ब्रह्मपुरी स्थित सहायक केंद्र के जरिये एसबीआई शारदा रोड में जनधन योजना के तहत खाता खुलवाया था। नोटबंदी के बाद जनधन खातों में अचानक आ रहे रुपयों की जानकारी पर उन्होंने 18 दिसंबर को आईसीआईसीआई के एटीएम पर जाकर अपने खाते का बैलेंस देखा। इसमें 99 करोड़ 99 लाख 99 हजार 394 रुपये दर्शाए गए। खाते में इतनी बड़ी रकम देखकर उसके होश उड़ गए।
बैंक से नहीं मिला संतोषजनक जवाब
शीतल ने इसकी जानकारी अपने पति जिलेदार सिंह को दी। इस पर जिलेदार ने एसबीआई शारदा रोड में आपत्ति दर्ज कराई। दो दिन बैंक के चक्कर भी लगाए, मगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद जिलेदार ने प्रधानमंत्री को ई-मेल के जरिये पूरी जानकारी दी और शीतल के खाते में सही रकम दर्शाने की गुहार लगाई। जिलेदार के अनुसार एसबीआई अफसरों ने बताया कि तकनीकी त्रुटि हो सकती है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
नौकरी 5 हजार रुपये प्रतिमाह की
शीतल ट्रॉफी बनाने की एक फैक्ट्री में पांच हार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर काम करती है। वह अपने वेतन को भी पूरी तरह खाते में जमा नहीं कर पाती है। शीतल ने बताया कि वह अब तक चार अलग-अलग एटीएम से स्लिप निकालकर बैलेंस चेक कर चुकी हैं। सभी में यही रकम दर्शायी जा रही है।
मामला मीडिया से ही जानकारी में आया है। कई बार होल्ड खातों में तकनीकी वजहों से ऐसा लिखा हुआ आ जाता है। असल में खातों में इस तरह धन आता नहीं, फिर भी पूरे मामले की जांच करा ली जाएगी।
- आरिफ खान, रीजनल मैनेजर एसबीआई