मेरठ। जली कोठी स्थित नादिर अली बिल्डिंग में कंपन की समस्या अभी दूर भी नहीं हुई है कि रैपिड रेल के निर्माण के दौरान दिल्ली रोड पर बहादुर मोटर्स से दिल्ली चुंगी और मेट्रो प्लाजा तक 40 से अधिक दुकानों और मकानों में भी दरारें आ गई हैं। ज्यादातर दुकानों के फर्श धंस गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार खोदाई के कारण मकानों के नीचे की मिट्टी खिसक गई है, इसके चलते उन्हें हर समय हादसे का डर रहता है।
बहादुर मोटर्स से आगे सुरंग बनाई गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की टीम यहांं केमिकल डालकर फिलिंग कर रही है। कंपन के कारण लोगों का डर बढ़ता जा रहा है। बहादुर मोटर्स के सामने कन्फेक्शनरी की दुकान के मालिक विजय भारद्वाज ने बताया कि कुछ समय पहले ही यहां सड़क धंस गई थी। इस पर लोहे की प्लेट लगाई गई। अब दुकान का पूरा फर्श टूट गया है। पिलर भी खिसक गया है। आए दिन कंपन महसूस होता है।
दिल्ली चुंगी निवासी अधिवक्ता अमित जैन ने बताया कि उनके कार्यालय के साथ ही इंडियन बैंक की शाखा में दरार आ गई है। प्रतिदिन काफी संख्या में लोग बैंक में आते हैं। यहां अक्सर हादसे का डर बना रहता है।
प्रमोद कुमार ने बताया कि बीकानेर बिल्डिंग, कार धुलाई केंद्र, ज्ञानी के प्रतिष्ठान, फेनटास्टिक स्टोर सहित 40 से अधिक प्रतिष्ठानों और भवनों में दरारें आ गईं हैं। इस बारे में उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है।
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लगातार कांप रही नादिर अली बिल्डिंग, बैंक में भी दरार
मेरठ। शहीद स्मारक के पास जली कोठी स्थित नादिर अली की बिल्डिंग लगातार कांप रही है। बिल्डिंग में रहने वाले लोगों का आरोप है कि रैपिड के कारण बिल्डिंग में दिक्कत आ रही है। नीचे मशीन चलती हुई महसूस होती है। बर्तन गिरने लगते हैं और पंखे भी हिलते हैं। कई मकानों में दरार तक आ चुकी है। इतना ही नहीं पास में ही बैंक की दीवार भी दरक रही है। इसी के साथ रैपिड रेल के अधिकारी इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि वहां कोई काम नहीं हो रहा है। ऐसे में रैपिड का कोई मतलब नहीं है।
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रैपिड का काम वजह नहीं
रैपिड रेल का काम नादिर अली बिल्डिंग और इसके आसपास नहीं हो रहा है। जब यहां काम चला था तो पूरे एहतियात के साथ भवन खाली कराकर सभी को बाहर ठहराया गया था। कंपन की वजह रैपिड का काम बिल्कुल नहीं है।
-पुनीत वत्स, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी