मेरठ/गाजियाबाद। नमो भारत के मेरठ साउथ तक संचालन के बाद अब मेट्रो को शहर में चलाने की तैयारी भी तेज हो गईं हैं। देशभर में सबसे ज्यादा रफ्तार से मेरठ में मेट्रो चलेगी और ये आधुनिक सुविधाओं से भी लैस होगी। मेट्रो की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि औसत गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। शहर में मेट्रो जून 2025 में शुरू करने का लक्ष्य है। मेरठ में 23 किलोमीटर के एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो का संचालन किया जाएगा।
गुजरात के सांवली में तैयार हो रही स्वदेशी तकनीक पर आधारित मेरठ मेट्रो के पांच सेट का शनिवार को दुहाई डिपो में एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल अनावरण किया। 2025 तक मेट्रो का संचालन मेरठ में शुरू हो जाएगा। देश में सबसे ज्यादा 135 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार से मेट्रो मेरठ में दौड़ेगी। मेरठ में 23 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर पर 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं और मेट्रो व नमो भारत एक ही ट्रैक पर चलेगी।
एमडी शलभ गोयल ने बताया कि मेट्रो ट्रेन सेट का बाहरी भाग फ्लोर सेट हरे, नीले और नारंगी रंग का है। खास बात यह है कि मेट्रो में नमो भारत ट्रेन की तरह सभी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। 23 में से 18 किलोमीटर एलिवेटेड और पांच किलोमीटर भूमिगत ट्रैक बिछाया जा रहा है। एलिवेटेड पर नौ और तीन भूमिगत स्टेशन रहेगा। एक डिपो भी बनाया जा रहा है। यह मेट्रो मेरठ के दक्षिणी छोर से उत्तरी छोर की दूरी महज 30 मिनट में पूरी कर लेगी। उन्होंने बताया कि आरआरटीएस और मेट्रो परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। 2025 तक दिल्ली के सराय कालेखां से मेरठ तक नमो भारत ट्रेन दौड़ने लगेगी।
एक दर्जन ट्रेनें चलेंगी मेरठ में, 13 स्टेशन होंगे कवर
मेरठ शहर के अंदर आरआरटीएस कॉरिडोर पर ही मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम डिपो तक रैपिड के साथ मेट्रो चलाई जाएगी। मेरठ दक्षिण स्टेशन से मोदीपुरम तक करीब 23 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर अगले वर्ष मार्च-अप्रैल तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद नमो भारत और मेट्रो दोनों का परिचालन होने लगेगा। मेरठ में तीन कोच वाली कुल 12 मेट्रो चलेंगी। एक ट्रेन में तीन डिब्बे होंगे। दुहाई डिपो में पांच मेट्रो की टेस्टिंग चल रही है। अगले साल जून तक मेट्रो को शहर में चलाने की तैयारी है। देशभर में सबसे ज्यादा स्पीड से मेरठ में मेट्रो चलेगी जिसकी रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि औसत गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। शहर में मेट्रो जून 2025 में शुरू करने का लक्ष्य है।
ट्रेन में व्हीलचेयर और प्राथमिक उपचार की रहेगी सुविधा
मेरठ मेट्रो ट्रेन में बीमार, वृद्ध और दिव्यांग लोगों के लिए व्हीलचेयर- स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रहेगी। जिससे बीमार और बुजुर्गों के लिए भी मेट्रो में सफर आसान होगा। अग्निशमन यंत्र होंगे। आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर भी लगाए गए हैं। मेट्रो स्टेशनों पर प्लेटफार्म स्क्रीन डोर लगाए जाएंगे।
मेरठ में निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन
मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नार्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो।
ये भी होंगी सुविधाएं
सभी गेट पर ग्रीन बटन भी दिए गए हैं, जब मेट्रो रुकेगी तो इस बटन को दबाकर दरवाजे खोले जा सकेंगे।
टॉक-बैक सिस्टम जैसे सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। इससे आपातकालीन स्थिति में चालक से संवाद किया जा सकता है।
कोच में यात्रियों के लिए लैपटॉप व मोबाइल चार्जिंग की सुविधा होगी।
सुरक्षा की दृष्टि से मेट्रो में इमरजेंसी प्रयोग के लिए अलार्म की भी सुविधा है।
इमरजेंसी कम्युनिकेशन डिवाइस सिस्टम मेट्रो और स्टेशन मौजूद कर्मचारियों के पास रहेगा।