शामली। झाल गांव में डंपिंग यार्ड का रास्ता साफ हो गया है। यार्ड निर्माण के लिए शासन ने पहली किश्त के रूप में एक करोड़ बीस लाख रुपये की राशि अवमुक्त की है। दिवाली के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
यार्ड में पुराने वाहनों को स्क्रैप कराया जा सकेगा। जिसके बदले सर्टिफिकेट मिलेगा, जिसे दिखाकर नया वाहन खरीदने पर कंपनियां पांच फीसदी तक छूट देगी।
दरअसल, केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 के बजट सत्र में वाहन स्क्रैप नीति की घोषणा की थी। जिले में इस नीति पर अब काम शुरू हो चुका है। पिछले वर्ष परिवहन आयुक्त धीरज शाहू ने डंपिंग यार्ड की स्थापना का आदेश जारी किया था, जिसके बाद तत्कालीन एआरटीओ ने डीएम से मिलकर डंपिंग यार्ड की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। जिसके बाद कई गांवों में भूमि की तलाश की गई। आखिरकार झाल गांव में भूमि चिह्नित कर ली गई थी।।
एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि पहली किश्त की राशि स्वीकृत कर ली गई है। दीवाली के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। तैयारी पूरी कर ली गई है। सहारनपुर की एजेंसी को ठेका भी दे दिया गया है।
n क्या है वाहन स्क्रैप नीति : इस पॉलिसी के हिसाब से अब देश में एक तय सीमा से पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
ये टेस्ट वाहनों के इंजन की हालत, प्रदूषण उत्सर्जन और ईंधन क्षमता, सुरक्षा जैसे कई पैरामीटर पर होगा। यदि पुराने वाहन इस फिटनेस टेस्ट में फेल होते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उन्हें स्क्रैप में डंपिंग यार्ड भेज दिया जाएगा। व्यवसायिक वाहनों का 10 साल और निजी वाहनों का 15 साल में फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
n स्क्रैप के बदले मिलेगी छूट: पुराने वाहन को स्क्रैप में देने पर आपको डिपोजिट सर्टिफिकेट मिलेगा। इस सर्टिफिकेट के बदले वाहन कंपनियां नए वाहन पर करीब पांच फीसदी छूट देंगी।ो