मंगतपुरम में धर्मांतरण के साथ करोड़ों की जमीन खाली कराने की साजिश
मेरठ। मंगतपुरम में धर्मांतरण प्रकरण की रिपोर्ट सोमवार को मेरठ पुलिस ने शासन को भेज दी है। इसमें धर्मांतरण के साथ ही करोड़ों रुपये की जमीन खाली कराने की साजिश का भी जिक्र किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को एक सप्ताह से मामले की जानकारी दी। रिपोर्ट में शराब माफिया रमेश प्रधान, गब्बर, राजू समेत कई लोगों के नाम साजिश करने में शामिल किए गए हैं। धर्मांतरण से जुड़ी पुस्तक, आर्थिक मदद के पर्चें, रजिस्टर और झुग्गी झोपड़ी वालों के वीडियो भी रिपोर्ट के साथ भेजे गए हैं।
झुग्गी-झोपड़ी वालों ने पुलिस प्रशासन और एलआईयू को कई दस्तावेज दिए हैं। यह जमीन खाली कराने के लिए एक सप्ताह पहले अधिकारियों को एक पक्ष ने दिए थे। इसमें शराब माफिया रमेश प्रधान, गब्बर और राजू समेत कई लोग शामिल थे। यह भी बताया गया कि डीएम-एसएसपी को शिकायती पत्र देने के बाद कई लोग मंगतपुरम में पहुंचे थे। वह लोगों को धमकी देकर गए थे कि अगर जमीन खाली नहीं की तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। ---
प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप
इस मामले में एक पक्ष के साथ रहे सचिन सिरोही का कहना कि कुछ लोग धर्मांतरण के शिकार होने वालों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते मंगतपुरम से कई लोग चले गए हैं। उनसे फोन से संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने धर्मांतरण कराने वालों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो वह झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को साथ लेकर अधिकारियों के ऑफिस में धरना देंगे।
वृद्धा का कराया अंतिम संस्कार
रविवार को झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली 72 साल की सुलेचना की मौत हो गई। परिवार के लोगों ने हिंदू रीति रिवाज के महिला का अंतिम संस्कार किया और वीडियो बनाकर पुलिस प्रशासन को भेजा। उनका कहना कि वह अभी हिंदू धर्म को मानते है। वह सनातन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग है। इससे कभी भी धर्म नहीं बदलेंगे।
डीएम ने कमेटी गठित की
मेरठ। मंगतपुरम में मुकुल जैन ने तीन साल पहले 2019 जमीन खरीदी थी। रैपिड़ रेल का निर्माण के चलते दिल्ली रोड पर जमीन की कीमत कई गुना बढ़ गई। इस जमीन से झुग्गी झोपड़ी हटवाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया जाने लगा। डीएम दीपक मीणा ने मंगतपुरम के मामले में सोमवार रात एक कमेटी गठित कर दी हैं। डीएम ने बताया कि एक प्रार्थना पत्र जमीन को खाली कराने के लिए आया था और दूसरा आईजीआरएस के माध्यम से इस जमीन पर 30 साल से अधिक झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने वालों की तरफ से मिला था। प्रशासनिक अधिकारियों से जांच के बाद रिपोर्ट सौंपेंगे। ब्यूरो