मेरठ। मंगतपुरम में धर्मांतरण के साथ-साथ 10 बीघा जमीन खाली कराने की साजिश भी पुलिस जांच में प्रकाश में आई है। बारांबकी से आए लोग झुग्गी झोपड़ी बनाकर इसी जमीन पर बसे हैं। जमीन खाली कराने के लिए चार दिन पहले डीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था। जांच में पता चला है कि शराब माफिया रमेश प्रधान और अन्य लोगों ने धर्मांतरण के मामले को तूल देकर जमीन खाली कराने के लिए करोड़ों की डीलिंग की है, जिसमें भाजपा के कई नेता भी शामिल बताए गए हैं।
ढाई साल से धर्मांतरण का खेल चल रहा था, किसी ने शिकायत नहीं की। अब पता चला कि धर्मांतरण के साथ-साथ मंगतपुरम से झुग्गी-झोपड़ी हटवाकर 10 बीघा जमीन मुक्त कराने की भी साजिश है। चार दिन पहले इस जमीन से कब्जा मुक्त करने के लिए डीएम कार्यालय में शिकायती पत्र दिया गया था। पुलिस ने इसके बारे में जानकारी जुटाई है। सीओ ब्रह्मपुरी बृजेश सिंह ने बताया कि यह 10 बीघा जमीन मुकुल जैन ने 2019 में खरीदी थी। लोगों ने 50 साल से झुग्गी झोपड़ी में रहने की बात कहकर खाली न करने की बात कहीं। झुग्गी-झोपड़ी में शराब माफिया रमेश प्रधान भी रहता है, जिसने कुछ लोगों के साथ मिलकर जमीन मुक्त कराने का ठेका ले लिया। इसके बाद ही धर्मांतरण के मामले को तूल दिया है। यह बात जेल जाने से पहले नामजद तीनों महिला तितली, रीना और प्रेमा ने पुलिस को बताई। उन्होंने बताया कि झुग्गी-झोपड़ी हटवाने का ठेका लिया गया है। पुलिस ने इस बिंदु पर जांच की, जिसमें पता चला कि जमीन मुक्त कराने के लिए शराब माफिया के साथ भाजपा के कई नेता भी जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि रमेश प्रधान माफिया है व झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों से कई बार पुलिस, आबकारी टीम पर हमला किया है। पुलिस उसकी संपत्ति को भी गैंगस्टर के तहत दो साल पहले जब्त कर चुकी है।
धर्मांतरण कराने वालों पर लगेगी गैंगस्टर
एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि धर्मांतरण कराने में नामजद तीनों महिला समेत नौ लोगों पर गैैंगस्टर लगाई जाएगी। पुलिस ने एफआइआर में लिखा है कि गैंग बनाकर धर्मांतरण का काम चल रहा था। पुलिस ने लिखापढ़ी शुरू कर दी।