जुनून ने जैनपुर की बेटी को बनाया चैंपियन
दौड़ने की जिद और जुनून के दम पर गांव जैनपुर की बेटी रूपल चौधरी चैंपियन बन गई। शुरुआत में परिवार नहीं चाहता था कि बेटी खेलों में जाए। जिद में रूपल ने तीन दिन खाना नहीं खाया तो मां ने पिता को मनाया। वर्ष 2017 में पहली बार पिता ओमवीर सिंह रूपल को कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कोच दंपती विशाल और अमिता सक्सेना के पास ले गए। इसके बाद रूपल आगे बढ़ती चली गईं।
पिता ने मोटरसाइकिल से प्रतिदिन करीब 30 किलोमीटर का सफर तय कर रूपल को गांव से मेरठ स्टेडियम तक पहुंचाया। वहां कोच दंपती ने रूपल की आंखों में पल रहे सपनों को हकीकत का रास्ता दिखाया। पांच वर्ष की मेहनत के बाद रूपल ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय दौरे में दो मेडल जीत खुद को साबित कर दिखाया है। कोलंबिया में आयोजित अंडर-20 जूनियर विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक झटका है। वहीं 4×400 मीटर स्पर्धा में भी रजत पदक जीता है। उनके सामने 4×400 मीटर बालिका वर्ग स्पर्धा में एक और पदक पाने का मौका है।
रूपल के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तरीय पदक
दिल्ली में 400 मीटर राष्ट्रीय एथलेटिक चैम्पियनशिप 2021 दिल्ली में स्वर्ण पदक, प्रदर्शन: 53.73 सेकंड।
असम में जूनियर नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप 2021 400 मीटर में कांस्य पदक, प्रदर्शन: 56.76 सेकंड।
संगरूर में तीसरा स्कूल नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप 2019 में 400 मीटर में स्वर्ण पदक:प्रदर्शन 55.78 सेकंड।
विजयवाड़ा में आयोजित जूनियर नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप 2019 में 400 मीटर में स्वर्ण पदक: प्रदर्शन: 55.37 सेकंड।
रांची में आयोजित जूनियर नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप 2018 पदक रजत, प्रदर्शन 1.37 सेकंड।
चंडीगढ़ में आयोजित सीनियर फेडरेशन कप में रजत पदक।
गुजरात में राष्ट्रीय एथकेटिक्स में स्वर्ण पदक , प्रदर्शन 52:48 सेकंड।
कोलंबिया में अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 4×400 मीटर में रजत पदक। प्रदर्शन: 3:17:76 मिनट।
कोलंबिया में अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक, प्रदर्शन 51:85 सेकंड।
उत्तर प्रदेश के एक किसान की बेटी रूपल चौधरी विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। रूपल ने कोलंबिया के कैली में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इससे पहले उन्होंने 4 गुणा 400 मीटर रिले में रजत पदक हासिल किया था।