मवाना में खुद को आग से सेकते लोग।
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मवाना/हस्तिनापुर। हाड़ कंपाने वाली सर्दी से लोगों को निजात मिलती नहीं दिख रही है। शीतलहर के सामने दोपहर में सूर्यदेव के दर्शन भी राहत नहीं दे सके। जिसके चलते लोग घरों से निकले में बचते रहे। डीएम के आदेश पर स्कूलों की छुट्टी से बच्चों को तो कुछ राहत मिली। पर कामकाजी लोगों को शीतलहरों का सामना करना पड़ा। दुपहिया वाहन सवार लोग दस्तानों से लेकर मफलर, कैप, चेकेट में पूरी तरह ढककर ही बाहर निकले। दोपहर में धूप अल्प राहत ही दे पाई। शाम होते ही ठंड ने पूरी तरह अपना असर दिखाया। लोगों ने हीटर, अलाव जलाकर ठंड से राहत ली। वहीं, हस्तिनापुर में शीतलहर से और भी ज्यादा लोग परेशान रहे। गंगा किनारे बसे गांवों में लोग शीतलहर से बचने को लोक पूरे दिन अलाव का सहाला लेते मिले। जरूरी कार्य होने पर ही लोग गांव से निकले। दोपहर तक सूरज न निकलने से गलन रही। हालांकि दोपहर में निकली धूप भी ठंड का असर कम नहीं कर पाई। गांव सराय खादर के धनीराम के मुताबिक ऐसी ठंड उसने कई सालों में देखी है। मूलचंद के मुताबिक वह लगभग पूरे दिन चूल्हे पर हाथ सेकते रहे। योगेश चौहान के मुताबिक ठंड में पशुओं को भी बचाने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
हस्तिनापुर में खुद को आग से सेकते ग्रामीण। - फोटो : MAWANA